सरकारी स्कूल बचाने 27 सितंबर को निकलेगी यात्रा, 104 स्कूलों के मुद्दे पर आंदोलन की तैयारी

सरकारी स्कूल बचाने 27 सितंबर को निकलेगी यात्रा, 104 स्कूलों के मुद्दे पर आंदोलन की तैयारी
सोनकच्छ। देवास जिले में सरकारी स्कूलों को बंद या मर्ज किए जाने के विरोध में स्कूल बचाओ संघर्ष समिति ने आंदोलन को व्यापक स्तर पर ले जाने की तैयारी शुरू कर दी है। समिति की 2 सितंबर को हुई बैठक में जिले के सरकारी स्कूलों को बचाने, उनमें बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और गांव-गांव संघर्ष समितियों के गठन सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
समिति ने 27 सितंबर को शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर सरकारी स्कूल बचाओ यात्रा निकालने का निर्णय लिया है। यात्रा गजरा गियर चौराहा स्थित भगत सिंह प्रतिमा से शुरू होकर भोपाल चौराहे तक जाएगी। समिति के अनुसार यात्रा के माध्यम से सरकारी स्कूलों को बंद या मर्ज करने के बजाय उनकी व्यवस्थाओं में सुधार करने की मांग उठाई जाएगी।
104 सरकारी स्कूलों का मुद्दा उठेगा
समिति का दावा है कि देवास जिले में 104 सरकारी स्कूलों के बंद या मर्ज किए जाने का मामला सामने आया है। इसे लेकर जल्द ही कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह के नाम ज्ञापन सौंपने की तैयारी भी की जा रही है। समिति ने स्पष्ट किया कि आंदोलन किसी राजनीतिक दल या संगठन का नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर जनभागीदारी का अभियान है।
गांव-गांव बनाई जाएंगी संघर्ष समितियां
आंदोलन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए प्रत्येक तहसील और गांव में स्कूल बचाओ संघर्ष समितियों का गठन किया जाएगा। समिति ने विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, युवाओं और ग्रामीणों से अभियान में शामिल होने की अपील की है। खराब स्थिति वाले सरकारी स्कूलों की वास्तविक तस्वीर सामने लाने के लिए ग्रामीणों और अभिभावकों से स्कूलों की समस्याओं के वीडियो बनाकर समिति को भेजने का भी आह्वान किया गया है।
सुविधाएं बढ़ाने की मांग
समिति ने सरकारी स्कूलों में साफ और सुरक्षित पेयजल, बालक-बालिकाओं के लिए अलग एवं कार्यशील शौचालय, बिजली, पंखे, पुस्तकालय, कंप्यूटर एवं इंटरनेट सुविधा, विज्ञान प्रयोगशालाएं, प्राथमिक उपचार कक्ष, खेल मैदान और खेल सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके साथ ही स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या और विषयों के अनुरूप पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता तथा सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग भी उठाई गई है।
समिति ने क्लोजर एवं जर्जर नीति वापस लेने, स्कूलों का विलय बंद करने, जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत या नए भवनों का निर्माण करने तथा सरकारी स्कूलों की मूलभूत सुविधाएं मजबूत करने की मांग की है।
समिति का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूल बंद होने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए दूर जाना पड़ सकता है। ऐसे में स्कूलों को बंद करने के बजाय उनकी व्यवस्थाओं में सुधार किया जाना चाहिए। समिति ने अभियान को “स्कूल बचाओ, भविष्य बचाओ” के नारे के साथ आगे बढ़ाने की घोषणा की है।




