आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर 21 को जंतर-मंतर पर आंदोलन
श्री राजपूत महापंचायत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताई रूपरेखा,

सोनकच्छ। आरक्षण व्यवस्था में आवश्यक सुधार एवं संशोधन की मांग को लेकर श्री राजपूत महापंचायत सहित सर्व समाज की ओर से 21 अगस्त को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। आंदोलन की तैयारियों और रूपरेखा को लेकर मंगलवार को सोनकच्छ स्थित श्री राजपूत महापंचायत के प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर राघवेंद्र सिंह तोमर के निर्देश पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष युवराज सिंह बिसाखेड़ी ने आंदोलन के उद्देश्य और तैयारियों की जानकारी दी।
समानता, योग्यता, न्याय और पारदर्शिता प्रमुख मुद्दे
प्रदेश अध्यक्ष युवराज सिंह बिसाखेड़ी ने कहा कि आरक्षण व्यवस्था में संशोधन के साथ समानता, योग्यता, न्याय और पारदर्शिता को प्रमुखता दिए जाने की आवश्यकता है। संगठन की मांग है कि आरक्षण का आधार आर्थिक हो और सरकार आर्थिक आधार पर आरक्षण को मान्यता दे। उन्होंने कहा कि समाज में लंबे समय से उठ रही इस मांग पर सरकार को गंभीरता से विचार करते हुए आरक्षण व्यवस्था में आवश्यक बदलाव करना चाहिए।
शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक रहेगा आंदोलन
आयोजकों ने कहा कि जंतर-मंतर पर आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संचालित किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान राजनीतिक, धार्मिक, जातिगत अथवा व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप से बचने की अपील की गई है। आंदोलन के मूल उद्देश्यों पर ही अपनी बात रखने तथा संविधान और कानून का सम्मान करने के निर्देश कार्यकर्ताओं को दिए गए हैं।
आयोजकों ने समर्थकों से अफवाहों एवं भ्रामक सूचनाओं से दूर रहने और कार्यक्रम स्थल पर स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है। साथ ही प्रशासन और पुलिस के साथ सहयोग करने तथा अनुशासन का पालन करने का आह्वान किया गया है। मंच से केवल अधिकृत वक्ताओं को ही संबोधित करने की अनुमति रहेगी।
युवाओं और महिलाओं की रहेगी अहम भूमिका
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंदोलन में युवाओं और महिलाओं की भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर पदाधिकारियों ने कहा कि दोनों वर्गों की आंदोलन में महत्वपूर्ण भागीदारी रहेगी। संगठन ने समाज के लोगों से एकजुटता, अनुशासन और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने का आह्वान किया।
सरकार से आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग
आयोजकों ने कहा कि आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग समाज के विभिन्न वर्गों में उठ रही है। सरकार को इस पर ध्यान देते हुए वर्तमान आरक्षण व्यवस्था में आवश्यक सुधार एवं संशोधन करना चाहिए। संगठन ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी वर्ग के विरोध में नहीं, बल्कि अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाना है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष युवराज सिंह बिसाखेड़ी, प्रदेश उपाध्यक्ष विजेंद्र सिंह गोहिल, सोनकच्छ तहसील अध्यक्ष निर्मल सिंह राठौड़, तहसील अध्यक्ष कुंवर शिवराज सिंह गोहिल, नगर अध्यक्ष गोपाल सिंह (गोपी बना), कृष्णपाल बना चौबारा, रामदेव बना, आदित्य सिंह राठौड़, सेठी बना एवं विजेंद्र बना सहित संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।




