उज्जैन में अकीदत के साथ मनाया गया आला हज़रत का 108वाँ उर्स, उलेमा ने दिया अमन-भाईचारे का पैगाम

विजयगंज मंडी। उज्जैन के के.डी. गेट स्थित कुरैशी जमातखाना (मदीना मस्जिद) में इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ (आला हज़रत रहमतुल्लाह अलैह) का 108वाँ उर्स पूरे धार्मिक उत्साह, अकीदत और अदब के साथ संपन्न हुआ। उर्स में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत कर मुल्क में अमन, भाईचारे, खुशहाली और तरक्की के लिए विशेष दुआएँ कीं।
ईशा की नमाज़ के बाद आयोजित जलसे में मुंबई (महाराष्ट्र) से पधारे प्रसिद्ध इस्लामिक स्कॉलर मुफ्ती साजिद अली मिस्बाही तथा बकाई (उत्तर प्रदेश) से सैयद हसनैन मियाँ ने तकरीर करते हुए इस्लाम की शिक्षाओं, इंसानियत, मोहब्बत, आपसी सौहार्द और आला हज़रत की दीनी व इल्मी सेवाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने समाज में प्रेम, एकता और भाईचारा कायम रखने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का आयोजन दारुल उलूम रज़विया गरीब नवाज़ एवं फ़िक्र-ए-रज़ा ग्रुप, उज्जैन द्वारा किया गया। कार्यक्रम की निगरानी सैयद इज़हार अहमद रज़वी ने की। आयोजन को सफल बनाने में समिति के सदस्यों सहित जफ़र हुसैन (विजयगंज मंडी) का विशेष सहयोग रहा।
उर्स के समापन पर देश एवं समाज में शांति, सद्भाव और खुशहाली के लिए सामूहिक दुआ की गई तथा सभी अतिथियों, उलेमा, अकीदतमंदों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर वसीम साहब कादरी, शोयब साहब कादरी, आशिफ रज़ा, असलम अहमद एवं हसन रज़ा नूरी सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।




