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पूर्वजो के प्रतीक पक्षी कौवे अब नहीं दिखाई देते

16 दिवसीय श्राद्ध पक्ष शुरू

श्राद्ध पक्ष शुरू हो गया लेकिन आसमान में कौवे नहीं दिखाई देते

सुनिल योगी
बागली। 26 सितंबर शनिवार से श्राद्ध पक्ष आरंभ हो गए हैं। हिंदू मान्यता के अनुसार मृत्यु के तीन वर्ष बाद मृत व्यक्ति को उसके परिजन सुविधा अनुसार श्राद्ध में विधि विधान से शामिल करते हे इस दौरान परिजनों के साथ-साथ ब्राह्मण भोजन और दान दक्षिणा करने का प्रावधान रहता है। बागली नगर में श्राद्ध पक्ष की पूर्णिमा पर कई परिवारों द्वारा अपने मृत परिजनों की आत्म संतृप्ति के लिए उन्हें श्रद्धा में शामिल किया। इसके चलते बागली में संचालित सभी दूध डेयरी से दूध विक्रय हो गया श्राद्ध करने वाले परिवारों में शामिल परिजनों की चहल पहल भी नगर के मार्गो पर दिखाई दी 16 दिन तक चलने वाले श्राद्ध पक्ष में पूर्णिमा का दिन विशेष रहता है। मान्यता अनुसार मृत्यु किसी भी तिथि पर हो गई हो लेकिन पूर्णिमा अवसर पर श्रद्ध मानना ही परंपरा माना गया है। श्राद्ध पक्ष के विषय में पंडित नरेंद्र वैष्णव ने बताया कि वैसे तो ज्ञात रूप से श्राद्ध पक्ष के 16 दिन तिथि अनुसार दिवंगत परिजनों को याद रहते हैं। और वह उस दिन गुड़ घी से धूप देते हुए रुचिकर भोग लगाने का कार्य करते हैं। श्राद्ध पक्ष में महत्वपूर्ण रूप से कुछ तिथियां ऐसी है जिनकी मान्यता अधिक रहती है प्रथम पूर्णिमा तिथि रहती है ,जिसमें सभी मृत आत्माओं को शामिल किया जाता है। दूसरी तिथि कुंवारा पंचमी रहती है मान्यता अनुसार छोटे बच्चे या कुंवारे बच्चे परिवार में अज्ञात रूप से संसार छोड़ जाते हैं। उनके लिए यह तिथि महत्वपूर्ण रहती है। इसी प्रकार नवमी तिथि को डोकरा नवमी कहते हैं। मान्यता अनुसार स्थिति पर जो व्यक्ति पर्याप्त उम्र लेकर बुजुर्ग होकर मृत्यु को प्राप्त करता है उनकी याद में इस स्थिति पर श्राद्ध पूजन और भोग लगाया जाता है। इसी दौरान ग्यारस एकादशी तिथि का भी महत्व दान के हिसाब से माना गया है अधिकतर परिवार इस दिन भी अन्य मृत लोगों के लिए पूजा करते हैं ,और गुड़ घी की धूप देकर खीर पुरी का भोग लगाते हैं। अंतिम और महत्वपूर्ण तिथि जो 16 वे दिन आती है। सर्व पितृ अमावस्या इस अमावस्या पर सभी साथ पीढीयों से जुड़े ज्ञात अज्ञात और अन्य दोस्त मित्र परिजन सभी शामिल रहते हैं। श्राद्ध पक्ष के आखिरी दिन पवित्र नदियों में जाकर तर्पण करने का प्रावधान रहता है। मान्यता अनुसार इन तिथियां पर गुड एवं घी की धूप देने के साथ-साथ खीर पुरी का भोग लगाया जाता है। जिससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है, और मृत आत्माओं को शांति मिलती है। हिंदू धर्म के अनुसार लगाए गए भोग को कौवे को खिलाये जाने का प्रावधान है। भोग में उपयोग की गई खीर एवं पूरी के मिश्रण को कौवे यदि खा ले तो श्राद्ध पूरा माना जाता है। लेकिन धीरे-धीरे कौवे की प्रजाति बहुत कम हो गई है। अब आसमान में कोवै विचारण करते नहीं दिखते उन्हें खुलासा कुवास आवाज देने पर भी वह नहीं आते पर्यावरण से जुड़े और पशु चिकित्सा विभाग से जुड़े डॉक्टर अनिल योगी ने बताया की पक्षियों की बहुत सारी प्रजातियां धीरे-धीरे विलुप्त हो रही है जीनमे कौंवे की संख्या अभी कम होना चिंता जनक है। यह सब प्रदूषण फसल और जहरीले रासायनिक प्रयोग के चलते हो रहा है। चील और गिद्ध भी अब नहीं दिखाई देते। दूसरी और सर्वप्रथम अमावस्या पर सनातन सेवा समिति संस्थान पिपरी द्वारा विगत 15 वर्ष से सामूहिक तर्पण कार्य नर्मदा किनारे किया जा रहा है समिति के सदस्य गिरधर गुप्ता ने बताया कि उनकी समिति सर्वप्रथम अमावस्या पर देश में शहीद हुए सैनिक दुर्घटनाओं में मारे नागरिक और धार्मिक यात्राओं में अमृत हुए तीर्थ यात्री सहित क्षेत्र के अज्ञात व्यक्तियों की आत्म शांति हेतु सामूहिक तर्पण प्रक्रिया करते हैं।

सुनील योगी(पुरस्कृत सम्मानित पत्रकार)

Truth 24 से पुराना रिश्ता, नई जिम्मेदारी… मैं सुनील योगी, लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज को जिम्मेदारी और निष्पक्षता के साथ सामने रखने का माध्यम है। Truth 24 सांध्य दैनिक समाचार पत्र से मेरा रिश्ता आज का नहीं, बल्कि वर्षों पुराना और आत्मीय है। जब Truth 24 ने अपने शुरुआती दौर में बागली क्षेत्र में प्रसार शुरू किया था, उस समय समाचार पत्र के प्रबंधन ने मुझ पर विश्वास जताते हुए बागली क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी थी। उस विश्वास को मैंने हमेशा अपनी जिम्मेदारी समझकर निभाया। समय के साथ परिस्थितियां बदलीं, लेकिन Truth 24 से मेरा जुड़ाव और अपनापन हमेशा कायम रहा। इस दौरान समाचार पत्र के वरिष्ठों का मुझे समय-समय पर सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहा, जिसके लिए मैं हृदय से आभारी हूं। लंबे अरसे बाद एक बार फिर Truth 24 के साथ बागली क्षेत्र की जिम्मेदारी निभाने का अवसर मिला है। यह मेरे लिए केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पुराने रिश्ते को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने का अवसर है। मैं विश्वास दिलाता हूं कि Truth 24 की निष्पक्ष पत्रकारिता, निर्भीकता और जनसरोकारों की आवाज को बागली क्षेत्र में और मजबूती के साथ आगे बढ़ाने का प्रयास करूंगा। Truth 24 के प्रबंधन एवं वरिष्ठों का विश्वास मेरे लिए सम्मान भी है और जिम्मेदारी भी। — सुनील योगी पत्रकार, बागली Truth 24 सांध्य दैनिक समाचार पत्र

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