शाजापुर में RSS का शारीरिक प्रधान कार्यक्रम संपन्न, स्वयंसेवकों ने दिखाया अनुशासन और शक्ति का अद्भुत समन्वय शाजापुर। राष्ट्रीय
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वयंसेवकों द्वारा ध्वज प्रणाम एवं "वंदे मातरम" के सामूहिक गायन से हुआ

शाजापुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शाजापुर नगर द्वारा आयोजित शारीरिक प्रधान कार्यक्रम आज हर्षोल्लास के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने भाग लेकर शारीरिक सुदृढ़ता और अनुशासन का अत्यंत प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त प्रधान अध्यापक कैलाश जी सूर्यवंशी रहे। मंच पर नगर कार्यवाह प्रवीण जी पाटीदार एवं जिला कार्यवाह दिलीप जी कलमोदिया की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वयंसेवकों द्वारा ध्वज प्रणाम एवं “वंदे मातरम” के सामूहिक गायन से हुआ। तत्पश्चात स्वयंसेवकों ने दंड, पद विन्यास, सामूहिक समता, नियुद्ध, डंबल योग, मंडल समता एवं घोष जैसे विविध शारीरिक प्रदर्शनों से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुख्य वक्ता दिलीप जी कलमोदिया ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में शारीरिक कसरत, योग एवं प्राणायाम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए नियमित व्यायाम अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति शारीरिक रूप से सशक्त होगा, तभी राष्ट्र भी मजबूत और सुदृढ़ बनेगा।
उन्होंने आगे कहा कि एक अनुशासित एवं स्वस्थ स्वयंसेवक ही विकसित राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारतीय संस्कृति का यह सूत्र कि “स्वस्थ शरीर ही सबसे बड़ा सुख है” — आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ, जहां सभी स्वयंसेवकों ने राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को एक स्वर में दोहराया।




