देवास पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: “ऑपरेशन FAST 2.0” के तहत फर्जी SIM व खातों से ठगी करने वाले 7 आरोपी गिरफ्तार; 10 लाख की धोखाधड़ी का पर्दाफाश

देवास। राज्य सायबर पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी अभियान “ऑपरेशन FAST (Forged-Activated-SIM-Termination)” के अंतर्गत देवास पुलिस ने सायबर ठगी के एक बड़े संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में फर्जी और किराए की सिम/खातों के जरिए कॉल सेंटर संचालित कर देशभर के लोगों को निशाना बनाने वाले 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधीक्षक देवास पुनीत गेहलोद के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) गजेन्द्र सिंह वर्धमान के मार्गदर्शन में थाना औद्योगिक क्षेत्र प्रभारी अमित सोलंकी की विशेष टीम ने इस पूरी कार्यवाही को अंजाम दिया।
ठगी के अलग-अलग हथकंडे: लोन, ऑनलाइन ट्रेडिंग और फेक इंस्टाग्राम प्रोफाइल
पुलिस जांच और आरोपियों से पूछताछ में फर्जी सिमों के इस्तेमाल और ठगी के अलग-अलग तरीकों का खुलासा हुआ:
- सस्ता लोन दिलाने का झांसा: आरोपी अजय परमार ने अपने नाम से जारी 6 सिम कार्डों का उपयोग कर सीधे-साधे लोगों को कम ब्याज पर लोन दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ठगे।
- ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड: आरोपी नितिन बामनिया ने खुद की और अन्य लोगों की सिम अपने साथी विशाल को सप्लाई की, जिसने आगे यह सिम राजकुमार उर्फ छोटू को मुहैया कराई। राजकुमार और उसके गिरोह ने लोगों को ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर अपना शिकार बनाया।
- इलेक्ट्रॉनिक्स पर भारी छूट का चकमा: आरोपी अजय बागवान ने 5-6 सिम कार्ड अभिषेक कुमावत को दिए। अभिषेक ने अंकित कुमावत के साथ मिलकर इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाई और सस्ते दामों में ब्रांडेड मोबाइल व लैपटॉप बेचने का झांसा देकर लोगों से पैसे ऐंठ लिए।
दिल्ली तक फैले तार, 398 फर्जी सिम का पुराना कनेक्शन
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह अब तक ज्ञात 06 मामलों में देशभर के लोगों से लगभग 10 लाख रुपये की ठगी कर चुका है। इस गिरोह का नेटवर्क काफी व्यापक है—इससे पहले दिल्ली सायबर क्राइम द्वारा वर्ष 2025 में थाना आई.जी.आई एयरपोर्ट दिल्ली में दर्ज एक मामले के तहत इसी गिरोह से विभिन्न कंपनियों के 398 फर्जी सिम कार्ड जप्त किए जा चुके हैं।
पुलिस ने थाना औद्योगिक क्षेत्र पर आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 835/2026 धारा 318(4) बीएनएस एवं 66(ग) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल, सिम कार्ड और महत्वपूर्ण दस्तावेज जप्त किए गए हैं। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर गिरोह के अन्य नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन के बारे में विस्तृत पूछताछ कर रही है।
गिरफ्तार आरोपी:
- अजय परमार (35 वर्ष) – निवासी अमृत पार्क, मल्हार रोड, देवास
- अजय बागवान (32 वर्ष) – निवासी ग्राम खजूरिया, तहसील तराना, जिला उज्जैन
- नितिन बामनिया (19 वर्ष) – निवासी ग्राम एनाबाद, तहसील सोनकच्छ, जिला देवास
- अभिषेक कुमावत (22 वर्ष) – निवासी ग्राम खजूरिया, तहसील तराना, जिला उज्जैन
- विशाल गौड़ (21 वर्ष) – निवासी ग्राम एनाबाद, तहसील सोनकच्छ, जिला देवास
- राजकुमार उर्फ छोटू (21 वर्ष) – निवासी ग्राम एनाबाद, तहसील सोनकच्छ, जिला देवास
- अंकित कुमावत (23 वर्ष) – निवासी ग्राम खजूरिया, तहसील तराना, जिला उज्जैन
सराहनीय भूमिका
इस सायबर क्रैकडाउन में थाना प्रभारी औद्योगिक क्षेत्र अमित सोलंकी, उप निरीक्षक गौरव नगावत, सउनि हितेन्द्र चंद्रवंशी, प्रआर अजय बैस, जितेन्द्र, घनश्याम बामनिया, संजय, आर रणवीर सिकरवार एवं सायबर सेल से प्रआर सचिन चौहान व शिवप्रताप सिंह सेंगर का विशेष योगदान रहा।



