तीन माह बाद भी बैराखेड़ी फाटा-चौबाराधीरा सड़क की नहीं ली लोक निर्माण विभाग ने सुध
ग्रामीणों ने सड़क की मरम्मत, स्पीड ब्रेकर, संकेतक और झाड़ियों की सफाई की की मांग।

सोनकच्छ। ग्रामीण क्षेत्रों में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत आने वाली सड़कों की बदहाली और सुरक्षा इंतजामों की कमी के चलते आए दिन हादसों का खतरा बना हुआ है। हादसों के बाद भी जिम्मेदार विभाग द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है। बैराखेड़ी फाटा से चौबाराधीरा जाने वाले मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे, कीचड़, जलभराव और सड़क किनारे उगी झाड़ियां वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। ग्रामीणों ने सड़क की मरम्मत के साथ ही खतरनाक मोड़ों पर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक लगाने तथा झाड़ियों की सफाई की मांग की है।
वर्तमान में पवित्र सावन माह चल रहा है। भोलेनाथ की भक्ति में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। कंधों पर कांवड़ और सिर पर कलश लेकर श्रद्धालु बैराखेड़ी फाटा से चौबाराधीरा स्थित गोपेश्वर महादेव मंदिर की ओर पहुंच रहे हैं। ऐसे में सड़क की बदहाली और सुरक्षा इंतजामों की कमी श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है। एक ओर पैदल कांवड़ एवं कलश यात्री मार्ग से गुजर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसी सड़क से तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
सड़क पर गड्ढे, कीचड़ और जलभराव
मार्ग पर कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। बारिश के कारण इन गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है। कई जगह सड़क के बीचों-बीच कीचड़ जमा है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बना रहता है। चौबाराधीरा मुक्तिधाम की पुलिया के पास भी जलभराव और फिसलन की स्थिति बनी हुई है।
इसके अलावा कई खतरनाक मोड़ों पर सड़क किनारे उगी झाड़ियों के कारण सामने से आने वाला वाहन दिखाई नहीं देता। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर तत्काल झाड़ियों की सफाई कराकर दोनों ओर पर्याप्त दृश्यता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
तीन मौतों के बाद भी नहीं जागा विभाग
इस मार्ग की बदहाली और खतरनाक मोड़ों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 17 मई 2026 को बैराखेड़ी के पास खतरनाक अंधे मोड़ पर प्याज से भरी गाड़ी पलट गई थी। हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई थी। घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए थे और खतरनाक मोड़ पर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की थी।
ग्रामीणों का कहना है कि हादसे के बाद भी खतरनाक मोड़ पर पर्याप्त चेतावनी संकेतक, सड़क किनारे झाड़ियों की सफाई और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि तीन लोगों की जान जाने के बाद भी जिम्मेदार विभाग ने स्थायी सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की?
दो हादसों में पांच लोगों की जा चुकी जान
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले करीब तीन महीनों में इस क्षेत्र के मार्ग पर हुए दो अलग-अलग हादसों में पांच लोगों की जान जा चुकी है। बैराखेड़ी के पास प्याज से भरी गाड़ी पलटने से तीन मजदूरों की मौत हुई थी। वहीं पटाड़िया ताज स्थित कालीसिंध नदी के पुल के पास अंधे मोड़ पर हुए हादसे में दो लोगों की जान चली गई थी।
हादसों के बाद जागरूक ग्रामीणों द्वारा सड़क की मरम्मत और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की मांग विभागीय अधिकारियों तक पहुंचाई जा चुकी है। इसके बावजूद सड़क की स्थिति और सुरक्षा इंतजामों में अपेक्षित सुधार नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
ग्रामीणों की मांग—अब तो जागे विभाग
ग्रामीणों ने मांग की है कि बैराखेड़ी फाटा-चौबाराधीरा मार्ग का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। सड़क के गड्ढों की मरम्मत, जलभराव वाले स्थानों का स्थायी समाधान, खतरनाक मोड़ों पर स्पीड ब्रेकर एवं स्पष्ट चेतावनी संकेतक लगाने के साथ ही सड़क किनारे उगी झाड़ियों की सफाई कराई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि सावन माह में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने के कारण इन कार्यों को प्राथमिकता से कराया जाना जरूरी है।
ग्रामीणों का सवाल है कि जब हादसे के संभावित कारण और खतरनाक स्थान विभाग के संज्ञान में हैं, तो फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों किया जा रहा है?
विभाग ने ठेकेदार को दिया नोटिस
इस मामले में लोक निर्माण विभाग के एई मोहन देहरिया ने बताया कि विभाग द्वारा संबंधित ठेकेदार को सड़क की मरम्मत, झाड़ियों की सफाई और अन्य आवश्यक कार्य करने के लिए नोटिस दिया गया है। जल्द ही सड़क किनारे उगी झाड़ियों की साफ-सफाई करवा दी जाएगी।




