ग्राम टुंगनी की बेटी सोना पानवार बनी पहली अधिवक्ता, ग्रामीणों ने किया सम्मान

सोनकच्छ। ग्राम टुंगनी में अजा वर्ग से गांव की इकलौती बेटी कुमारी सोना पानवार ने एलएलबी फाइनल परीक्षा उत्तीर्ण कर अधिवक्ता की डिग्री हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनके माता-पिता, बल्कि पूरा गांव गौरवान्वित हुआ है। सोना गांव की पहली महिला अधिवक्ता बनी हैं।
सोना पानवार के पिता किसान एवं गौ सेवक कमल पानवार ने बेटी की शिक्षा के प्रति रुचि को देखते हुए हर परिस्थिति में उसकी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने सरकार के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की भावना को साकार करते हुए अपनी बेटी को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया। पिता के सहयोग और बेटी की मेहनत का परिणाम रहा कि सोना ने एलएलबी की अंतिम परीक्षा उत्तीर्ण कर यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।
सोना की सफलता से ग्राम टुंगनी सहित आसपास के गांवों में भी हर्ष का माहौल है। उनकी उपलब्धि पर देहरिया पहाड़ी मंदिर परिसर में ग्रामीणों एवं नागरिकों द्वारा सम्मान समारोह आयोजित कर उनका स्वागत किया गया।
इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिक भूपेंद्र नागर, अकेसिंह सेंधव, मनोहर सिंह सेंधव ,संजय त्रिवेदी, महिपाल सिंह धाकड़, राजेश पाटीदार, वीरेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
अकेसिंह सेंधव ने कहा कि सोना की सफलता गांव की सभी बेटियों के लिए प्रेरणादायक है। हमारी बेटियां पढ़ेंगी तो देश आगे बढ़ेगा। सोना हमारे गांव का गौरव है। उन्होंने सोना पानवार को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।




