सजां माता के साथ श्राद्ध पक्ष के पूर्वजों की विदाई
लोक परंपरा संजा माता यादें छोड़ गया

16 दिवस मनाया पर्व शनिवार को होगा विदाई के साथ समाप्त
सुनिल योगी
बागली। श्राद्ध पक्ष के 16 दिन तक मालवा एवं निमाड में लोक देवी के रूप में पूजी जाने वाली सजां माता का पर्व ग्रामीण क्षेत्र में उत्साह के साथ मनाया गया है। आखरी 2 दिन पूर्व संजां माता की विदाई हंसी-खुशी के साथ करने के लिए कलाकोट कीआकृति बनायी गई है। और आखिरी दिन चोवदस तिथि स्थिति पर उसमें संजां माया के साथ पूरी फौज व्यवस्था शामिल की है। जो उनके साथ उनके ससुराल तक उनकी सुख सुविधा के लिए जाती है। बागली नगर क्षेत्र में इस बार यह उत्साह सामूहिक रूप से बनाया गया वार्ड क्रमांक 10 से जुड़ी सखी सहेली ग्रुप से जुड़ी सहयोगी महिलाओंने पूरे समय तक पर्व के गीत गाकर इस पर्व को बनाया आखिरी दिन सजां माता का बेहतर सिंगार किया गया और अमावस्या पर विदाई देने की तैयारी की गई। सजां माता पर्व मनाने वाली महिलाओं हमारे संवाददाता सुनील योगी को बताया कि 16 दिन तक प्रतिदिन शाम को उत्साह का माहौल दिखाई देता अब विदाई कर रहे हैं तो मन थोड़ा दुखी है। इस वर्ष सामूहिक रूप से किया गया प्रयास मीसाल बन गया।




