वरिष्ठ लेखापाल तिलोक चौहान को सेवानिवृत्ति पर भावपूर्ण विदाई
सेवा, समर्पण और मिलनसार व्यक्तित्व को अतिथियों ने किया याद

सोनकच्छ। कृषि उपज मंडी समिति सोनकच्छ के वरिष्ठ लेखापाल एवं मिलनसार व्यक्तित्व के धनी श्री तिलोक चौहान की सेवानिवृत्ति के अवसर पर बुधवार को मंडी व्यापारी धर्मशाला में भावपूर्ण विदाई एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में मंडी कर्मचारियों, व्यापारियों, किसानों, सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों तथा परिजनों ने श्री चौहान का आत्मीय सम्मान करते हुए उनके लंबे सेवाकाल को याद किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला नोडल अधिकारी अरविंद परिहार रहे। विशेष अतिथि के रूप में जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सूरज सिंह ठाकुर उपस्थित रहे। भाजपा के वरिष्ठ नेता निरंजन सिंह सेंगर, वरिष्ठ समाजसेवी अरविंद शर्मा, गोपाल मेहता, अतुल पंडिया सहित अन्य अतिथि मंचासीन रहे। कार्यक्रम के आशीर्वाददाता परम पूज्य संत श्री लवचंद दास जी महाराज रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन मंडी व्यापारी आशीष अकोतीया ने किया।
शॉल-श्रीफल एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर किया सम्मान
समारोह के दौरान मंडी कर्मचारी साथियों, किसान भाइयों, व्यापारी बंधुओं, मित्रों एवं परिजनों ने पुष्पमाला, शॉल-श्रीफल एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर श्री तिलोक चौहान का सम्मान किया। वक्ताओं ने उनके सेवाकाल, कार्यशैली और मिलनसार व्यक्तित्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने व्यवहार और कार्यों से मंडी से जुड़े लोगों के बीच विशेष स्थान बनाया।
जनपद पंचायत अध्यक्ष सूरज सिंह ठाकुर ने कहा कि तिलोक जी ने दलीय राजनीति से ऊपर उठकर सभी को अपना माना। यही कारण है कि आज उनके सम्मान में विभिन्न क्षेत्रों से लोग एकत्रित हुए हैं। भाजपा नेता निरंजन सिंह सेंगर ने कहा कि श्री चौहान ने वर्षों तक निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी सेवाएं दीं। उनका कार्य एवं व्यवहार युवा कर्मचारियों के लिए प्रेरणादायी है।
वरिष्ठ समाजसेवी अरविंद शर्मा ने कहा कि यह केवल एक कर्मचारी की विदाई नहीं, बल्कि मंडी में वर्षों तक सेवा, सहयोग और आत्मीयता की मिसाल कायम करने वाले व्यक्तित्व के सेवाकाल का सम्मान है।
किसानों से भी रहा आत्मीय जुड़ाव
वक्ताओं ने कहा कि श्री तिलोक चौहान ने वरिष्ठ लेखापाल के दायित्व का निर्वहन करने के साथ आवश्यकता के अनुसार विभिन्न जिम्मेदारियां भी पूरी निष्ठा से निभाईं। किसानों की समस्याओं को लेकर भी वे सक्रिय रहे और मंडी से जुड़े कर्मचारियों, व्यापारियों एवं किसानों के साथ उनका सदैव आत्मीय व्यवहार रहा।
संत ने कहा—‘ईमानदारी का कोई रिटायरमेंट नहीं होता’
कार्यक्रम के आशीर्वाददाता संत श्री लवचंद दास जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा, “ईमानदारी का कोई रिटायरमेंट नहीं होता।” उन्होंने श्री चौहान के सेवाकाल की सराहना करते हुए उनके आगामी जीवन के लिए मंगलकामनाएं कीं तथा स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
विदाई के वक्त भावुक हुए तिलोक चौहान
विदाई समारोह के दौरान श्री तिलोक चौहान भावुक नजर आए। उन्होंने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने मंडी को अपना घर और यहां काम करने वाले लोगों को अपने परिवार की तरह माना है। उन्होंने कहा कि जाने-अनजाने उनसे कोई भूल हुई हो तो उन्हें अपना छोटा भाई समझकर क्षमा करें। सभी ने उन्हें जो स्नेह और सम्मान दिया है, वही उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों एवं कर्मचारियों के लिए सहभोज का आयोजन किया गया। मंडी कर्मचारियों की ओर से श्री नीरज गोस्वामी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।




