देवास: बैरागढ़ के जंगल में लाखों की फड़, 12 रसूखदार जुआरी गिरफ्तार; पुलिस की मुस्तैदी या लंबे समय से चल रही नाकामी?

देवास/कांटाफोड़ (ट्रुथ 24 न्यूज़)। कांटाफोड़ क्षेत्र के बैरागढ़ फॉरेस्ट चौकी के पास घने जंगल में पुलिस ने दबिश देकर 12 जुआरियों को गिरफ्तार किया और ₹12.86 लाख से अधिक का मश्रूका जप्त किया है। पुलिस इसे अपनी बड़ी सफलता और “ऑपरेशन प्रहार” की कामयाबी बता रही है। लेकिन इस पूरी कार्रवाई के बाद क्षेत्रीय पुलिस और खुफिया तंत्र (बीट व्यवस्था) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सवाल: इतने बड़े पैमाने पर चल रहे नेटवर्क की भनक स्थानीय पुलिस को क्यों नहीं लगी?
इंदौर, खंडवा, हरदा, खातेगांव और नेमावर जैसे दूर-दराज के जिलों व कस्बों से आकर जुआरी बैरागढ़ के जंगल में बेखौफ दांव लगा रहे थे। जंगल में 12 जुआरियों का जुटना, 15 महंगे मोबाइल, 1 चार पहिया कार और 5 मोटरसाइकिलों का पहुँचना इस बात का साफ संकेत है कि यह जुआ फड़ कोई एक दिन में अचानक शुरू नहीं हुआ था।
लापरवाही या शह? इतने बड़े स्तर पर बाहरी गाड़ियों और लोगों की लगातार आवाजाही के बावजूद स्थानीय बीट पुलिस और मुखबिर तंत्र को भनक तक न लगना पुलिस की बड़ी नाकामी को उजागर करता है।
तीन थानों की फोर्स क्यों? कार्रवाई के लिए कांटाफोड़, बागली और उदयनगर—तीन थानों की संयुक्त टीम बुलानी पड़ी। क्या स्थानीय पुलिस चौकी या थाने के स्तर पर कार्रवाई करने में संकोच था या मामला इतना बढ़ चुका था कि वरिष्ठ अधिकारियों को सीधे हस्तक्षेप करना पड़ा?
गिरफ्तार आरोपी: अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश
पकड़े गए आरोपियों की सूची से स्पष्ट है कि यह स्थानीय स्तर का साधारण जुआ नहीं, बल्कि अंतरजिला स्तर का संगठित नेटवर्क था:
जीवन पिता पदम सिंह (38 वर्ष) — धासड़, सतवास (देवास)
दीपक पिता मुकेश प्रजापत (35 वर्ष) — खिरकिया, छीपावड़ (हरदा)
रामकृष्ण पिता नानूराम गुर्जर (48 वर्ष) — नेमावर
विक्रम पिता गुसाई (59 वर्ष) — बलवाड़ी, ओंकारेश्वर (खंडवा)
बलवीर सिंह पिता भानूप्रताप सिंह (42 वर्ष) — मोहना, नर्मदा नगर (खंडवा)
जितेन्द्र पिता संतोष गिरी (36 वर्ष) — खातेगांव
शाबिद पिता फरीद शाह (21 वर्ष) — लोहारदा
आजाद सिंह पिता दामोदर सिंह मालवीय (36 वर्ष) — मेघदूत नगर, इंदौर
हरिओम पिता जय नारायण (46 वर्ष) — बुरूट, कांटाफोड़
लच्छू पिता हरिराम मीणा (52 वर्ष) — झागरिया, किल्लोद (खंडवा)
देवेन्द्र पिता नन्हेलाल चौहान (40 वर्ष) — मेघदूत नगर, इंदौर
राहुल पिता गोविंद जाट (32 वर्ष) — रतवाय, कन्नौद
जप्त संपत्ति:
नगद राशि: ₹5,55,100/-, मोबाइल फोन: 15,चार पहिया वाहन (कार): 01, दो पहिया वाहन: 05, कुल मश्रूका: ₹12,86,200/-
क्या महज धारा 13 जुआ अधिनियम से रुकेंगे अपराध?
आरोपियों पर कांटाफोड़ थाने में अपराध क्रमांक 340/2026 के तहत धारा 13 जुआ अधिनियम में प्रकरण दर्ज किया गया है। जमानती धाराएं होने के कारण ऐसे मामलों में आरोपी आसानी से ज़मानत पर बाहर आ जाते हैं।
सवाल यह भी है कि क्या पुलिस कप्तान इस बात की भी जांच करवाएंगे कि स्थानीय पुलिस की नाक के नीचे इतना बड़ा जुआ फड़ किसकी देखरेख या शह पर चल रहा था?




