धर्ममध्य प्रदेश
महाराष्ट्रीयन संस्कृत में हुआ माता आगमन एवं पूजन
मान्यता अनुसार तीन दिनों के लिए माताजी मायके आती हैं

हमारा देश सबसे अच्छा धर्म-संस्कृति अलग-अलग लेकिन देश एक


इंदौर।महाराष्ट्रीयन परिवार में तीन दिवसीय महालक्ष्मी जी का पर्व बड़ी ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है इसकी मान्यता है कि जेष्ठ गौर ,कनिष्ठ गौर के रूप में महालक्ष्मी जी मैया मायके में आती है, प्रथम दिवस माता जी की स्थापना की जाती है दूसरे दिवस माताजी की धूमधाम से पूजा अर्चना की जाती है ,साथ ही छप्पन भोग माताजी को लगाए जाते हैं एवं तृतीय दिन माता जी का विधिवत रूप से विसर्जन किया जाता है | प्रत्येक वर्षों की तरह इस वर्ष भी श्री लक्ष्मीकांत जी पुराणिक के निवास स्थान पर विधिवत रूप से लक्ष्मी जी की आराधना की गई | उनके पुत्र आनंद पुराणिक जी के द्वारा माताजी की पूजा अर्चना की गई| इस अवसर पर परिवार के सभी सदस्य एकत्रित हुए और माताजी का विधिवत रूप से पूजन कर आशीर्वाद लिया गया |




