गेहूं खरीदी अप्रैल में, कर्ज मार्च के पहले जमा करवाना— किसान फंसा सरकारी फैसलों के बीच।
1 अप्रैल से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी, 28 मार्च तक ऋण नहीं चुकाया तो लगेगा 10% ब्याज

सोनकच्छ। मध्यप्रदेश में एक तरफ समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तारीख आगे बढ़ाकर 1 अप्रैल कर दी गई है, वहीं दूसरी ओर सहकारी सोसायटियों के ऋण जमा करने की अंतिम तारीख 28 मार्च तय कर दी गई है। ऐसे में किसान सरकारी फैसलों के बीच बुरी तरह फंसता नजर आ रहा है।
मध्यप्रदेश शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा 12 मार्च 2026 को जारी आदेश (क्रमांक FCS/0038/2026) के अनुसार रबी विपणन वर्ष 2026-27 में इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगी, जबकि अन्य संभागों में 7 अप्रैल से खरीदी प्रारंभ की जाएगी।
इधर सहकारी समितियों द्वारा किसानों को साफ कहा गया है कि यदि 28 मार्च तक ऋण जमा नहीं किया गया तो शून्य प्रतिशत ब्याज योजना का लाभ नहीं मिलेगा और किसानों पर 10 प्रतिशत ब्याज लगाया जाएगा।
खेतों में गेहूं की फसल पूरी तरह पककर तैयार है, लेकिन खरीदी शुरू होने में देरी से किसान असमंजस में हैं। किसानों का कहना है कि जब सरकारी खरीदी अप्रैल से शुरू होगी तो वे मार्च में सोसायटी का कर्ज कैसे चुकाएं।
ऐसी स्थिति में किसानों को मजबूरी में अपनी उपज निजी व्यापारियों को औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ सकती है, जिससे उन्हें समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पाएगा। किसानों का यह भी कहना है कि अगर सरकार ने खरीदी की तारीख आगे बढ़ाई है तो ऋण जमा करने की अंतिम तारीख भी बढ़ाई जानी चाहिए थी।
फिलहाल खेतों में तैयार खड़ी फसल, खरीदी में देरी और ऋण भुगतान की समय सीमा के बीच किसान खुद को असहाय महसूस कर रहा है। किसान संगठनों का कहना है कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो हजारों किसान आर्थिक दबाव में आ जाएंगे।




