नामों की भिन्नता व दस्तावेजों की कमी से सोनकच्छ के सैकड़ों मतदाता संकट में

सोनकच्छ।भारत निर्वाचन आयोग द्वारा देशभर में एस.आई.आर. (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया के अंतर्गत मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। इसी कड़ी में सोनकच्छ क्षेत्र में भी यह प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है, लेकिन नामों की भिन्नता, दस्तावेजों की कमी और सीमित समय-सीमा के चलते सैकड़ों मतदाता गंभीर संकट में फंसते नजर आ रहे हैं।
पुनरीक्षण के प्रारंभिक चरण में मतदाताओं से विधानसभा क्रमांक, बूथ क्रमांक एवं मतदाता क्रमांक सहित अन्य जानकारियाँ लेकर गणना पत्रक भरवाए गए थे। इसके बाद आयोग द्वारा तैयार सॉफ्टवेयर में नामों का मिलान न होने एवं अन्य तकनीकी कारणों से बड़ी संख्या में मतदाताओं को तहसीलदार एवं सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के हस्ताक्षरयुक्त नोटिस जारी किए गए हैं।
10 फरवरी तक दस्तावेज जमा करने का दबाव
नोटिस में मतदाताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि वे अपना नाम अंतिम निर्वाचक नामावली में बनाए रखना चाहते हैं, तो आयोग द्वारा चिन्हित 12 मूल दस्तावेजों में से वैध दस्तावेज संबंधित बीएलओ के पास 10 फरवरी 2026 तक जमा कराना अनिवार्य होगा। कम समय-सीमा के कारण यह प्रक्रिया खासकर ग्रामीण, गरीब और श्रमिक वर्ग के लिए अत्यंत कठिन साबित हो रही है।
गरीब, श्रमिक और महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित
सूत्रों के अनुसार अधिकांश नोटिस अनुसूचित जाति, अत्यंत गरीब एवं झोपड़ी में निवास करने वाले मतदाताओं को जारी हुए हैं। कई मतदाताओं के दस्तावेजों में नामों की वर्तनी अलग-अलग दर्ज है, जिससे नाम मिलान में समस्या आ रही है। वहीं अनेक मतदाता मजदूरी एवं रोजगार के सिलसिले में अस्थायी रूप से शहरों में रह रहे हैं, जिससे उनसे संपर्क स्थापित करना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में कम पढ़ी-लिखी महिलाओं के सामने अंकसूची जैसे आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। कई मामलों में मतदाताओं के पास कोई भी व्यवस्थित व वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं है।
बीएलओ घर-घर भटकने को मजबूर
कार्य को समय-सीमा में पूर्ण करने के दबाव में बीएलओ अपने नियमित कार्य छोड़कर सुबह से देर शाम तक गांव-गांव जाकर दस्तावेज जुटाने का प्रयास कर रहे हैं। बीएलओ बताते हैं कि कई बार झोपड़ियों में न तो दस्तावेज मिलते हैं और न ही स्वयं मतदाता। ऐसे में परिवारजनों, रिश्तेदारों एवं परिचितों के माध्यम से संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है।
“मतदाताओं के दस्तावेजों में नामों का मिलान न होने के कारण निर्वाचन आयोग द्वारा नोटिस जारी किए गए हैं। निर्धारित समय-सीमा में मतदाता अपने वैध दस्तावेज संबंधित बीएलओ के पास जमा कराएं।”
संजय गर्ग
सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी, सोनकच्छ




