जबरन वसूली नहीं हुई तो रची साजिश! कॉलोनी प्रबंधन का आरोप, नेता पर साधा निशाना

मंदिर भूमि विवाद पर कॉलोनी प्रबंधन का खुलासा, कहा– कॉलोनी सीमा से बाहर है मंदिर

नीमच। गिरदोड़ा क्षेत्र स्थित ध्रुव रेसिडेंसी कॉलोनी को लेकर सामने आए विवाद और शिकायतों के बीच प्रशासनिक जांच जारी है। इसी बीच कॉलोनी प्रबंधन ने सामने आकर कब्जे सहित लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। प्रबंधन का कहना है कि कॉलोनी से जुड़े सभी वैध दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं और जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है।
कॉलोनी संचालक अनिल आंजना ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई स्वतः सामने आ जाएगी और “दूध का दूध, पानी का पानी” हो जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ध्रुव रेसिडेंसी का निर्माण सर्वे नंबर 662 और 663 की भूमि पर किया गया है, जहां कभी कोई मंदिर नहीं रहा। विवाद में जिस मंदिर का उल्लेख किया जा रहा है, वह सर्वे नंबर 674 में स्थित है, जो कॉलोनी की सीमा से बाहर है।
उन्होंने बताया कि सर्वे नंबर 674 की मंदिर भूमि में लगभग दो आरी जमीन कॉलोनी मालिक की है, जिसे धार्मिक आस्था और सामाजिक भावना के तहत स्वेच्छा से मंदिर उपयोग के लिए छोड़ दिया गया है। इसके बावजूद मंदिर भूमि पर कब्जे के आरोप लगाकर आमजन को भ्रमित किया जा रहा है।
प्रबंधन ने आरोप लगाया कि तथाकथित नेता भगतराम नायक एवं उनके सहयोगी जबरन वसूली नहीं हो पाने के कारण व्यक्तिगत रंजिश के चलते झूठी शिकायतें कर रहे हैं। प्रबंधन का दावा है कि भगतराम नायक पर पूर्व में भी अन्य लोगों की जमीनों पर कब्जे जैसे आरोप लग चुके हैं।
कॉलोनी प्रबंधन ने यह भी बताया कि भगतराम नायक से जुड़े एक फर्जी व्यक्ति द्वारा कॉलोनी में चौकीदार को धमकाने और जबरन वसूली के प्रयास की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई है, जिस पर जांच जारी है।
इस दौरान पूछे गए सवाल पर कि राजस्थान के पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना एवं उनके भांजे विक्रम आंजना की कॉलोनी में क्या भूमिका है, इस पर संचालक अनिल आंजना ने स्पष्ट किया कि दोनों का कॉलोनी से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि कॉलोनी की पूरी जमीन उनकी निजी स्वामित्व की है और रिश्तेदारी के कारण बेवजह नाम जोड़े जा रहे हैं।
अंत में कॉलोनी प्रबंधन ने प्रशासन से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि सभी दस्तावेज समय पर प्रस्तुत किए जाएंगे और सच्चाई जल्द ही जनता के सामने आएगी।




