गुप्त नवरात्रि में आस्था का ज्वार: पैदल भक्तों की मां बगलामुखी यात्रा, मंडोदा में हुआ जोशीला स्वागत
श्रद्धा और एकता का संगम: मंडोदा के श्री बिलकेश्वर मंदिर में पैदल यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत

मंडोदा (मध्य प्रदेश), [29/01/2026]: गुप्त नवरात्रि के पावन अवसर पर भक्ति, श्रद्धा और सामुदायिक एकता का अनुपम दृश्य ग्राम मंडोदा में देखने को मिला।

प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी अकोदिया से सैकड़ों श्रद्धालु पैदल पदयात्रा करते हुए विश्वप्रसिद्ध पीतांबरा शक्तिपीठ मां बगलामुखी मंदिर (नलखेड़ा, आगर मालवा) पहुंचने के लिए रवाना हुए हैं। यह यात्रा शत्रु नाश, मुकदमों में विजय, वाक् सिद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए की जाती है, जो मध्य प्रदेश में सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा का हिस्सा है।
रास्ते में पड़ने वाले गांव-गांव में स्थानीय निवासी इन थके-मांदे पैदल यात्रियों का फूल-मालाओं, तिलक और स्वल्पाहार से स्वागत करते हैं, जो भक्ति की जीवंतता को दर्शाता है। इसी कड़ी में ग्राम मंडोदा में श्री बिलकेश्वर मंदिर परिसर में भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया। श्री बिलकेश्वर मंदिर समिति और पूरे ग्रामवासियों ने एकजुट होकर यात्रियों का हार्दिक स्वागत किया।
भक्तों के चरण छुए गए, उन्हें पुष्पहार पहनाए गए और विशेष रूप से तैयार स्वल्पाहार (जलपान, फल, हल्का नाश्ता) परोसा गया। इससे यात्रियों को नई ऊर्जा मिली और वे मां के दरबार तक की बाकी यात्रा के लिए उत्साहित हो उठे।
मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया, “गुप्त नवरात्रि में मां बगलामुखी की साधना विशेष फलदायी होती है। अकोदिया से नलखेड़ा तक की यह पैदल यात्रा भक्तों की अटूट आस्था का प्रतीक है। हमारा गांव हर साल इस परंपरा में शामिल होकर गर्व महसूस करता है और सेवा का भाव रखता है।”
ग्रामवासियों ने कहा, “यह सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता, एकता और सेवा का उत्सव है। मां की कृपा से सभी का कल्याण हो, यही प्रार्थना है।”
यह स्वागत समारोह ग्रामीण मध्य प्रदेश में जारी धार्मिक उत्साह, परंपराओं की मजबूती और भक्ति भावना को मजबूती से रेखांकित करता है। गुप्त नवरात्रि के दौरान ऐसी पैदल यात्राएं और आतिथ्य भक्तों में नई प्रेरणा और आस्था का संचार करती हैं।
जय मां बगलामुखी! जय श्री बिलकेश्वर महादेव!




