इंदौर भागीरथपुरा हादसे के बाद भी नहीं जागी पंचायत
पनवाड़ी की कमल कॉलोनी में 15 साल से जमा गंदा पानी बना मौत का खतरा

पनवाड़ी की कमल कॉलोनी में 15 साल से जमा गंदा पानी, बना मौत का खतरा
शाजापुर / पनवाड़ी। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में जलभराव के कारण हुई दर्दनाक मौतों के बाद भी स्थानीय प्रशासन और पंचायतें सबक लेने को तैयार नहीं हैं। पनवाड़ी ग्राम पंचायत अंतर्गत कमल कॉलोनी में हालात बेहद भयावह हो चुके हैं, जहां भारत सिंह राणावत बंजारा के मकान के पास बीते करीब 15 वर्षों से गंदा पानी एक ही स्थान पर जमा होता आ रहा है।
स्थानीय रहवासियों के अनुसार यह पानी अब पूरी तरह सड़ चुका है, जिसमें कचरा, कीचड़ और गंदगी भरी हुई है। हालात ऐसे हैं कि वहां से तेज बदबू उठती है, जिससे कोई भी व्यक्ति 5 मिनट तक खड़ा नहीं हो सकता। कॉलोनीवासियों का कहना है कि यह स्थान अब बीमारी और बड़ी जनहानि का खुला खतरा बन चुका है।
बोरिंग का पानी भी हुआ दूषित

सबसे चिंताजनक बात यह है कि आसपास के रहवासियों की बोरिंग में भी इस गंदे पानी की दुर्गंध आने लगी है। कई लोगों के यहां अब खराब और बदबूदार पानी निकल रहा है, जिससे पीने के पानी को लेकर भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
शिकायतें हुईं मगर कार्रवाई शून्य
रहवासियों ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर पनवाड़ी के सरपंच महोदय को कई बार अवगत कराया गया, वहीं सरपंच प्रतिनिधि अरविंद आर्य को भी स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पंचायत द्वारा न तो सफाई करवाई गई और न ही जल निकासी की कोई व्यवस्था की गई।
क्या जनहानि के बाद जागेगा प्रशासन?
स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे कलेक्टर महोदय को सामूहिक आवेदन देने के लिए विवश होंगे। लोगों का सवाल है—
“क्या पंचायत और सरपंच किसी बड़ी दुर्घटना या मौत के बाद ही जागेंगे?”
इंदौर जैसे हादसों से सबक लेने की जरूरत है, लेकिन पनवाड़ी में जिम्मेदारों की उदासीनता यह साफ दर्शाती है कि यहां खतरे को नजरअंदाज किया जा रहा है।




