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लालघाटी पुलिस की बड़ी सफलता 12 घंटे में गुमशुदा नाबालिग बालक सकुशल दस्तयाब

मुस्कान अभियान’ के तहत शाजापुर पुलिस की त्वरित और सराहनीय कार्रवाई

लालघाटी पुलिस की बड़ी सफलता 12 घंटे में गुमशुदा नाबालिग बालक सकुशल दस्तयाब

‘मुस्कान अभियान’ के तहत शाजापुर पुलिस की त्वरित और सराहनीय कार्रवाई

शाजापुर | 13 जनवरी 2026

 

मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा संचालित “मुस्कान अभियान” के अंतर्गत शाजापुर जिले की थाना लालघाटी पुलिस को एक उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर गुमशुदा नाबालिग बालक को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया, जिससे पुलिस की तत्परता और कार्यकुशलता एक बार फिर प्रमाणित हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 13.01.2026 को एक फरियादी द्वारा थाना लालघाटी में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसका नाबालिग पुत्र घर के बाहर से किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना लालघाटी शाजापुर में अपराध क्रमांक 04/26, धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर तत्काल विवेचना प्रारंभ की गई।

पुलिस अधीक्षक शाजापुर श्री यशपाल सिंह राजपूत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री घनश्याम मालवीय एवं एसडीओपी शाजापुर श्री अजय कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सिंह मुजाल्दे के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।

टीम द्वारा नाबालिग की त्वरित तलाश हेतु स्थानीय स्तर पर व्यापक सर्च अभियान, सोशल मीडिया के माध्यम से सूचना प्रसारण, आसपास के थानों एवं जिलों को अलर्ट कर संभावित ठिकानों पर सतत निगरानी रखी गई। इसी दौरान प्राप्त विश्वसनीय सूचना के आधार पर पुलिस टीम को इंदौर होते हुए आष्टा (जिला सीहोर) रवाना किया गया।

लगातार की गई मेहनत, तकनीकी सहायता एवं सटीक रणनीति के परिणामस्वरूप पुलिस ने आरोपी राजेश उर्फ राधेश्याम, निवासी सखेड़ी, थाना सुंदरसी के कब्जे से दिनांक 13.01.2026 को नाबालिग बालक को सकुशल दस्तयाब कर लिया। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के उपरांत बालक को उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया।

इस सराहनीय अभियान में थाना प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सिंह मुजाल्दे, प्रधान आरक्षक चन्द्रपाल जाट, प्रधान आरक्षक जितेंद्र यादव, आरक्षक शैलेन्द्र गुर्जर, आरक्षक शैलेन्द्र शर्मा एवं आरक्षक रामप्रसाद बामनिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्रशंसनीय रही।

पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से न केवल एक परिवार को राहत मिली है, बल्कि आमजन में कानून-व्यवस्था के प्रति विश्वास भी सुदृढ़ हुआ है।

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