टोंक कलां में विराट हिन्दू सम्मेलन संपन्न, दस गांवों से उमड़ा जनसैलाब

“जात-पात की करो विदाई, हिन्दू सब भाई” का नारा गूंजा

टोंक खुर्द। टोंक खुर्द के समीपस्थ ग्राम टोंक कलां में रविवार को विराट हिन्दू सम्मेलन भव्य रूप से संपन्न हुआ। सम्मेलन में चिडावद मंडल के दस गांवों से हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की। विभिन्न गांवों से सर्व समाज के लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को समरसता और एकता का संदेश दिया।
सम्मेलन के अवसर पर अलग-अलग स्थानों से कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बच्चे, महिलाएं और ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम स्थल के प्रवेश द्वार पर नन्ही-नन्ही बालिकाओं ने आगंतुकों का तिलक लगाकर स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। अतिथियों का स्वागत-सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में ग्रेवेटी कान्वेंट स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा रामलीला का शानदार मंचन किया गया, जिसमें भगवान राम, सीता, लक्ष्मण सहित रामायण के पात्रों की सजीव प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके पश्चात सुमित मंडलोई ने देशभक्ति और समरसता से ओतप्रोत ओजस्वी कविता पाठ किया।
ग्रेवेटी कान्वेंट स्कूल के बच्चों ने समरसता एवं निषादराज पर आधारित लघु नाटिका प्रस्तुत की, वहीं शारदा पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने भगतसिंह पर आधारित लघु नाटिका का मंचन किया।
मुख्य अतिथि संत सीताराम नानूखेड़ी ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान राम ने कभी भेदभाव नहीं किया, उन्होंने शबरी माता के जूठे बेर भी प्रेमपूर्वक स्वीकार किए। जब भगवान ने भेदभाव नहीं किया तो हमें भी आपसी भेदभाव समाप्त करना चाहिए। उन्होंने जाति-पात मिटाकर एकता के साथ आगे बढ़ने और “जात-पात की करो विदाई, हिन्दू सब भाई” के संदेश को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एकजुट रहकर ही सांप्रदायिक ताकतों का सामना किया जा सकता है तथा देश की एकता और अखंडता बनाए रखना प्रत्येक हिन्दू का कर्तव्य है।
कार्यक्रम को आरती शर्मा, कैलाश वाडिया और हिम्मत सिंह खिची ने भी संबोधित किया। सम्मेलन में उपस्थित हजारों लोगों ने “जय श्रीराम” के नारे लगाए। इस अवसर पर गौ माता का पूजन किया गया। कार्यक्रम के पश्चात सहभोज का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसादी ग्रहण की। सम्मेलन का समापन भारत माता की आरती के साथ हुआ।




