जहरीले पानी से 20 मौतों पर कांग्रेस का हल्ला बोल

देवास में प्रेस कॉन्फ्रेंस, 11 जनवरी को इंदौर में प्रदेश स्तरीय पैदल मार्च की घोषणा
देवास/इंदौर। इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित एवं जहरीले पानी के सेवन से अब तक 20 नागरिकों की मौत और एक हजार से अधिक लोगों के बीमार होने की गंभीर घटना ने सियासी तूल पकड़ लिया है। इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे आपराधिक लापरवाही करार दिया है। देवास में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए 11 जनवरी 2026 को इंदौर में प्रदेश स्तरीय पैदल मार्च निकालने की घोषणा की।
कांग्रेस के अनुसार यह पैदल मार्च बड़ा गणपति मंदिर से प्रारंभ होकर राजवाड़ा चौक स्थित मां अहिल्याबाई होलकर प्रतिमा स्थल तक निकाला जाएगा। मार्च में प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, विधायक, पार्षद सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे।
महापौर और मंत्री के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस ने इस घटना के लिए नगर निगम और राज्य सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए इंदौर के महापौर को असफल बताते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की है। साथ ही मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर अमर्यादित भाषा और असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए उनसे भी पद छोड़ने की मांग की गई।
मुआवजे को बताया अपमानजनक
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सरकार द्वारा मृतकों के परिजनों को दिए जा रहे 2 लाख रुपये के मुआवजे को नाकाफी और अपमानजनक बताया। कांग्रेस ने प्रत्येक मृतक परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
न्यायिक जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
कांग्रेस नेताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराए जाने और दोषियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की।
सड़क से सदन तक संघर्ष
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित पैदल मार्च केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि जनता के जीवन और सम्मान की लड़ाई है। पार्टी का कहना है कि जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलता और दोषियों को सजा नहीं होती, तब तक कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक अपना संघर्ष जारी रखेगी।




