हाईवे जाम में उग्रता, बहस के बाद पुलिस का हल्का बलप्रयोग, मिनटों में छंटा चक्काजाम
शराब ठेकेदार के वाहन से टक्कर का आरोप, घायल के इलाज के लिए 15 लाख से अधिक की मांग

चित्तौड़गढ़–भुसावल हाईवे डेढ़ घंटे बाधित, बसों व भारी वाहनों के थमे पहिये

खरगोन। शहर के बिस्टान रोड पर शनिवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब कथित रूप से शराब ठेकेदार के बोलेरो वाहन से हुई सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल युवक के परिजनों ने चक्काजाम कर दिया। घायल युवक की हालत में तीन सप्ताह बाद भी सुधार न होने और इलाज में भारी खर्च से नाराज परिजनों ने बिस्टान नाके पर प्रदर्शन करते हुए उपचार के लिए खर्च की गई करीब 15 लाख रुपये से अधिक की राशि की मांग की।
प्रदर्शन के चलते चित्तौड़गढ़–भुसावल हाईवे पर करीब डेढ़ घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। इस दौरान यात्री बसों, भारी वाहनों सहित चार पहिया व दो पहिया वाहनों के पहिये थम गए। कई छोटे वाहन चालक गलियों से रास्ता बदलकर निकलते नजर आए।
पथराव व हंगामे से बिगड़े हालात
चक्काजाम के दौरान प्रदर्शनकारियों का आक्रोश बढ़ गया। शाम करीब 5.30 बजे एक यात्री बस पर पथराव किया गया, वहीं शासकीय शराब दुकान पर भी हंगामा करने का प्रयास हुआ। स्थिति बिगड़ती देख प्रशासनिक अधिकारियों के संकेत पर मौके पर तैनात पुलिस बल ने हल्का बलप्रयोग किया, जिससे प्रदर्शनकारी मिनटों में तितर-बितर हो गए। इस दौरान तीन से चार लोगों को हिरासत में लिया गया।
मौके पर डिप्टी कलेक्टर अनिल जैन, एसडीओपी रोहित लखारे और टीआई बीएल मंडलोई मौजूद रहे। करीब डेढ़ घंटे चले हंगामे के बाद पुलिस-प्रशासन की समझाइश से मार्ग पर आवागमन सुचारु कराया गया।
क्या है मामला
घायल युवक सावन पिता कमल की मां कुसुम बाई और रिश्तेदार रोहित गरासे ने बताया कि 17 दिसंबर को बोरखेड़ा निवासी सावन और दिलीप डावर बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान शराब ठेकेदार के वाहन से उन्हें जानबूझकर टक्कर मारी गई। हादसे में दिलीप को मामूली चोटें आईं, जबकि सावन के पेट में गंभीर जख्म हुआ। इलाज पर अब तक 15 लाख रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं, इसके बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं है।
परिजनों का आरोप है कि जमीन गिरवी रखकर इलाज कराया गया, अब आगे उपचार कराने की स्थिति नहीं बची है। घटना के बाद न तो शासन-प्रशासन की ओर से कोई मदद मिली और न ही शराब ठेकेदार ने कोई आर्थिक सहायता दी। गरीब किसान परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है और बेटे की सेहत को लेकर गहरी चिंता में है।
यात्रियों को हुई भारी परेशानी
चक्काजाम के कारण राहगीरों और यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बसों में बैठे बच्चों व महिलाओं का हवाला देने के बाद भी रास्ता नहीं मिलने पर यात्रियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस होती रही। पुलिस को भी स्थिति संभालने और प्रदर्शनकारियों को समझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
पूर्व में भी हो चुकी है घटना
उल्लेखनीय है कि इसी मामले को लेकर 17 दिसंबर को बिस्टान नाका और खंडवा रोड स्थित शराब दुकान पर पथराव की घटना भी सामने आ चुकी है। समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शन और तनावपूर्ण माहौल बना रहा।




