पप्पू एंड पप्पू रिजॉर्ट का जंगल कांड सागवान की बलि, वन भूमि कब्जे का गंभीर आरोप

रिजॉर्ट नहीं, नियम तोड़ने का अड्डा! पप्पू एंड पप्पू पर जंगल उजाड़ने के गंभीर आरोप

सोनकच्छ | दौलतपुर सोनकच्छ के पास ग्राम दौलतपुर में स्थित पप्पू एंड पप्पू रिजॉर्ट एक बार फिर कानून को खुली चुनौती देता नजर आ रहा है। इस बार आरोप बेहद गंभीर हैं—सरकारी वन भूमि पर अवैध कब्जा और सागवान (टीक) जैसे कीमती पेड़ों सहित सैकड़ों हरे-भरे वृक्षों की निर्मम कटाई।
पप्पू एंड पप्पू के पीछे उजड़ा जंगल
सूत्रों के मुताबिक रिजॉर्ट के पीछे लंबे समय से निर्माण कार्य चल रहा था। इसी आड़ में सागवान सहित सैकड़ों पेड़ों पर आरी चलाई गई। आज भी मौके पर कटे हुए पेड़ों के ठूंठ इस बात की गवाही दे रहे हैं कि किस तरह जंगल को साफ कर जमीन हड़पी गई।
बाउंड्री तोड़ी, जंगल मिटाया, कब्जा जमाया
आरोप है कि वन मंडल की पुरानी बाउंड्री को तोड़कर नई बाउंड्री बना दी गई, जिससे साफ होता है कि मामला सिर्फ पेड़ कटाई का नहीं बल्कि सरकारी वन भूमि पर सुनियोजित कब्जे का है।

रेंजर ऑफिस से सटी जमीन, फिर भी पप्पू एंड पप्पू बेखौफ
चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा कथित अवैध कृत्य वन मंडल के रेंजर कार्यालय से सटी जमीन पर हुआ इसके बावजूद पप्पू एंड पप्पू के खिलाफ समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
“हम छोटे कर्मचारी हैं” — कार्रवाई से बचाव
मौके पर मौजूद डिप्टी रेंजर गणपत सिंह तंवर और वन आरक्षक प्रीतम सिंह बघेल ने कहा—
“हम छोटे कर्मचारी हैं, सीधे कार्रवाई नहीं कर सकते। ऊपर अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा, नपती कराई जाएगी और विधिवत कार्रवाई होगी।”
लेकिन सवाल यह है कि
जब सागवान जैसे कीमती पेड़ कटते रहे, तब वन विभाग की आंखें क्यों बंद रहीं?
पप्पू एंड पप्पू का विवादों से पुराना रिश्ता
यह पहला मौका नहीं है जब पप्पू एंड पप्पू कानून के शिकंजे में आया हो—
लॉकडाउन में आदेशों की अवहेलना पर ढाबा सील
आईपीएल सट्टा मामले में एसटीएफ का छापा
नकदी, लैपटॉप और मोबाइल उपकरण जब्त
ढाबे की आड़ में अवैध गतिविधियों के आरोप
अब इस सूची में जंगल कटाई और वन भूमि कब्जा भी जुड़ गया है।
अब सवाल सीधे-सीधे
क्या पप्पू एंड पप्पू रिजॉर्ट को
कानून और जंगल दोनों की कोई परवाह नहीं?
या फिर उसे यह भरोसा है कि
हर बार की तरह इस बार भी मामला दब जाएगा?
जनता चाहती है कड़ी कार्रवाई
अब केवल नपती और जांच से काम नहीं चलेगा।
जरूरत है—
अवैध कब्जा हटाने की
सागवान समेत कटे पेड़ों की भरपाई की
और दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की




