कड़ाके की ठंड से कांपा जिला, दिन में भी सताने लगी सर्दी
अधिकतम तापमान सामान्य से 10 डिग्री नीचे, शीतघात का बढ़ा खतरा

खरगोन | 20 दिसंबर जिले में इन दिनों कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। ऊपरी क्षोभमंडल में सक्रिय उष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम के प्रभाव से जिले के तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। स्थिति यह है कि अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 10 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है, जिससे सुबह, शाम और रात ही नहीं बल्कि दिन में भी ठिठुरन महसूस की जा रही है।
भीषण ठंड के चलते जिले का तापमान शिमला और मनाली जैसे पहाड़ी क्षेत्रों से भी कम आंका जा रहा है। सूर्य देव के दर्शन होते ही लोग ठंड से राहत पाने के लिए घरों के आंगन और खुले स्थानों पर घंटों धूप सेंकते नजर आ रहे हैं।
यातायात और दिनचर्या प्रभावित
मौसमी बदलाव का असर यातायात व्यवस्था पर भी स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। सुबह के समय कोहरा और सर्द हवाओं के कारण सड़कों पर वाहनों की गति धीमी हो गई है। जगह-जगह लोग अलाव का सहारा लेते दिखाई दे रहे हैं। शनिवार को जारी मौसम आंकड़ों के अनुसार जिले का न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस जबकि अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
शीतघात का खतरा बढ़ा, सतर्कता जरूरी
लगातार गिरते तापमान के बीच शीतघात (हाइपोथर्मिया) का खतरा भी बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इस मौसम में विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है, खासकर बुजुर्गों, नवजात शिशुओं और बच्चों के लिए।
शीतघात से बचाव के लिए रखें ये सावधानियां
स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और शीत लहर की चेतावनियों को गंभीरता से लें।
सर्दियों के लिए पर्याप्त गर्म कपड़ों की व्यवस्था रखें। कई परतों में ढीले और हल्के कपड़े पहनना अधिक प्रभावी रहता है।
घरों में ठंडी हवा का प्रवेश रोकने के लिए दरवाजे और खिड़कियां अच्छी तरह बंद रखें।
लंबे समय तक ठंड में रहने से फ्लू, नाक बहना, जुकाम जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। लक्षण दिखने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
शीतघात के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
अत्यधिक ठंड, बारिश या ठंडी हवा में बाहर निकलने से बचें।
शरीर को सूखा रखें और गीले कपड़े तुरंत बदलें।
सिर, गर्दन, हाथ और पैरों की अंगुलियों को अच्छी तरह ढक कर रखें।
बिना अंगुली वाले दस्ताने पहनें ताकि हाथों की गर्माहट बनी रहे।
फेफड़ों की सुरक्षा के लिए मुंह और नाक ढंक कर रखें।
गर्म तरल पदार्थों का सेवन करते रहें और त्वचा को मॉइस्चराइज रखने के लिए क्रीम या पेट्रोलियम जेली का उपयोग करें।
बुजुर्गों, बच्चों और अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों का विशेष ध्यान रखें और समय-समय पर उनका हालचाल लेते रहें।




