भीषण अग्निकांड ! 100-150 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख
ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर बुझाई आग, फायर ब्रिगेड पहुंची देर से

किसानों की सालभर की मेहनत कुछ ही घंटों में हुई स्वाहा — दमकल व्यवस्था पर उठे सवाल
अरनिया कला के समीप ग्राम तिलावद (मैना) के काकड़ क्षेत्र में गुरुवार को गेहूं के खेतों में अचानक भीषण आग लगने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते करीब 100 से 150 बीघा भूमि पर खड़ी पकी हुई गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई। इस घटना में सबसे अधिक नुकसान तिलावद गांव के किसानों को हुआ बताया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आग की चपेट में एक किसान की करीब 30 बीघा गेहूं की फसलपूरी तरह नष्ट हो गई। खेतों में अचानक उठी आग की लपटों को देखकर आसपास के किसानों और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। हालात बिगड़ते देख ग्रामीण तुरंत एकजुट हुए और पानी, मिट्टी तथा हरी टहनियों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने काफी हद तक आग पर काबू पा लिया।
🔴 देर से पहुंची फायर ब्रिगेड — ग्रामीणों में आक्रोश
घटना के दौरान सबसे चिंताजनक बात यह रही कि फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर तब पहुंची जब ग्रामीण आग पर काफी हद तक काबू पा चुके थे। इससे दमकल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों और किसानों में नाराजगी देखने को मिली। किसानों का कहना है कि यदि दमकल समय पर पहुंच जाती तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था।
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🔴 प्रभावित किसानों की सूची
इस अग्निकांड में शिव नारायण चौधरी, विक्रम वर्मा, जगदीश भेसानिया, शिव राज पटेल, राजेन्द्र जावरीया, बद्री भेसानिया, अखलेश वर्मा, लक्ष्मी नारायण पटवारी, अनुप सिंह और प्रेम नरायण सहित अनेक किसानों की पकी हुई फसलें जल गईं।
🔴 प्रशासन ने लिया स्थिति का जायजा
घटना की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार शिल्पा सिंह सहित पूरा राजस्व अमला मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही जा रही है।
आग से प्रभावित किसान अपनी जली हुई फसल को देखकर बेबस और मायूस नजर आए। कुछ ही घंटों में उनकी सालभर की मेहनत राख में तब्दील हो गई, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
🔴 किसानों की मांग — तत्काल सर्वे और मुआवजा
ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि घटना का तत्काल सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें इस भारी नुकसान से कुछ राहत मिल सके।




