जनता गैस सिलेंडर की लाइन में, कालाबाजारियों के पास भरमार
सोनकच्छ में अफरा-तफरी, पुलिस की मौजूदगी में हुआ वितरण

सोनकच्छ। क्षेत्र में घरेलू गैस वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर आम उपभोक्ता गैस सिलेंडर के लिए सुबह से लंबी कतारों में खड़े होकर परेशान हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कालाबाजारियों और व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं के पास सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता देखी जा रही है।
भोपाल–देवास हाईवे स्थित ग्राम पिलवानी के समीप भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) के गोदाम पर सोमवार को हालात बेकाबू हो गए। सैकड़ों की संख्या में लोग गैस सिलेंडर लेने के लिए एकत्र हो गए, जिसके चलते पुलिस की मौजूदगी में वितरण करना पड़ा। सुबह 7 बजे से ही उपभोक्ता लाइन में लग गए थे तथा विवाद की स्थिति भी बनी।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए थाना प्रभारी अजय गुर्जर ने डायल 112 की टीम को मौके पर तैनात किया। वहीं हाईवे किनारे खड़े वाहनों के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रही।
सप्लाई सामान्य का दावा, जमीनी हकीकत अलग
प्रशासन की ओर से गैस आपूर्ति सामान्य होने का दावा किया जा रहा है। एसडीएम प्रिया चंद्रावत ने खाद्य अधिकारी धर्मेंद्र वर्मा को गोदाम का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए हैं।
इधर, गैस एजेंसी संचालक लकी महाजन ने बताया कि घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी है। उन्होंने लोगों से अनावश्यक घबराहट नहीं फैलाने की अपील की है।
हालांकि, मौके पर उमड़ी भीड़ और अव्यवस्थित हालात इन दावों पर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं।
नियमों की हो रही अनदेखी
सरकारी प्रावधानों के अनुसार घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग 25 दिन के अंतराल में ही की जा सकती है तथा व्यावसायिक उपयोग के लिए कमर्शियल सिलेंडर अनिवार्य है। इसके बावजूद क्षेत्र में इन नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है।
सूत्रों के अनुसार, सोनकच्छ क्षेत्र मे अवैध गैस रिफिलिंग का नेटवर्क सक्रिय है। कई होटल, ढाबों एवं रेस्टोरेंट में घरेलू सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा है, जबकि रिहायशी क्षेत्रों एवं पेट्रोल पंपों के समीप बिना सुरक्षा इंतजाम के गैस भरने की गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि संबंधित विभागों को कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि आम उपभोक्ता लाइन में खड़े होकर गैस के लिए जूझ रहे हैं, जबकि कालाबाजारियों को आसानी से सिलेंडर उपलब्ध हो रहे हैं।
हादसे की आशंका
अवैध रिफिलिंग और असुरक्षित तरीके से गैस भरने की गतिविधियां किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही हैं। यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।
बड़ा सवाल
जब नियम स्पष्ट हैं और आम उपभोक्ता को निर्धारित समय के बाद ही गैस उपलब्ध होती है, तो कालाबाजारियों और व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं तक सिलेंडर इतनी आसानी से कैसे पहुंच रहे हैं—यह प्रशासन के लिए बड़ा प्रश्न बन गया है।




