भौरासा 9 साल से फायर ब्रिगेड विहीन, पककर तैयार फसल के बीच किसानों में आग का खौफ।
देवास-भोपाल कॉरिडोर के भौरासा टोल पर फायर ब्रिगेड की मांग, सोनकच्छ या देवास से आती है मदद — 40 से 50 मिनट में पहुंचती है गाड़ी

भौरासा। भौरासा क्षेत्र पिछले करीब 9 वर्षों से फायर ब्रिगेड की सुविधा से वंचित है, जिससे किसानों में भारी नाराजगी और चिंता का माहौल बना हुआ है। इस समय क्षेत्र में गेहूं सहित अन्य फसलें पूरी तरह पककर तैयार खड़ी हैं, ऐसे में आगजनी की घटनाओं का खतरा किसानों को लगातार डराए हुए है।
किसानों का कहना है कि आसपास के क्षेत्रों में कई जगह आग लगने की खबरें मिल रही हैं। यदि भौरासा क्षेत्र में ऐसी घटना होती है तो तुरंत राहत की कोई व्यवस्था नहीं है। भौरासा नगर पंचायत में पहले फायर ब्रिगेड उपलब्ध थी, लेकिन करीब 9 वर्ष पहले किसान आंदोलन के दौरान वह आग की चपेट में आ गई थी। इसके बाद से आज तक नई फायर ब्रिगेड की व्यवस्था नहीं की गई।
स्थिति यह है कि आग लगने की घटना होने पर सोनकच्छ या देवास से फायर ब्रिगेड बुलानी पड़ती है, जिसे मौके पर पहुंचने में करीब 40 से 50 मिनट लग जाते हैं। इतने समय में खेतों में खड़ी फसल जलकर खाक हो जाती है और किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फिर जाता है।
नेवरी फाटा और भौरासा क्षेत्र के किसानों ने मांग की है कि देवास-भोपाल कॉरिडोर स्थित भौरासा टोल टैक्स पर फायर ब्रिगेड की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि आपात स्थिति में तुरंत राहत मिल सके और किसानों की फसलों को बचाया जा सके।
किसानों ने इस समस्या से सोनकच्छ विधानसभा के विधायक डॉ. राजेश सोनकर को भी अवगत कराया है और क्षेत्र में जल्द फायर ब्रिगेड उपलब्ध कराने की मांग की है।
किसानों का कहना है
“फसल पूरी तरह तैयार खड़ी है, लेकिन क्षेत्र में फायर ब्रिगेड नहीं होने से हर समय डर बना रहता है। अगर समय पर व्यवस्था नहीं हुई तो कभी भी बड़ी घटना हो सकती है।”




