विधायक डॉक्टर राजेश सोनकर ने ध्वज पूजन कर किया श्री पीपलेश्वर महादेव मेले का शुभारंभ

सोनकच्छ।महाशिवरात्रि के पावन पर्व के अवसर पर नगर परिषद सोनकच्छ द्वारा पवित्र माँ कालीसिंध नदी के तट, श्री दत्त मंदिर के समीप स्थित मेला प्रांगण में आयोजित भव्य एवं सांस्कृतिक श्री पीपलेश्वर महादेव मेला का विधिवत शुभारंभ सोनकच्छ विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. राजेश सोनकर द्वारा वैदिक पूजा-अर्चना एवं ध्वज पूजन के साथ किया गया।
इस अवसर पर विधायक डॉ. सोनकर ने पिपलेश्वर महादेव एवं बाबा महेश्वरानंद जी के दर्शन कर नगर एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
गरिमामयी उपस्थिति और कार्यक्रम की अध्यक्षता
मेले के शुभारंभ अवसर पर देवास स्थित उदासीन आश्रम के महंत परम पूज्य बाबा श्री पूर्णानंद जी महाराज की विशेष गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर परिषद सोनकच्छ की अध्यक्ष श्रीमती श्रुति कृष्णपाल सिंह बघेल ने की।
इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं भाजपा नगरीय निकाय प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक नरेंद्र सिंह राजपूत, तेजसिंह बघेल, समाजसेवी सत्यनारायण लाठी, पार्षद कृष्णपाल सिंह बघेल ,मंडल अध्यक्ष विजेन्द्र सिंह मनासा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सौदान सिंह ओड,राहुल धाकड़, पप्पी यादव, पार्षद , पार्षद प्रतिनिधि संदीप गुप्ता, पार्षद प्रतिनिधि विनोद चौधरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक मंचासीन रहे।

स्वच्छता और जल संरक्षण पर अध्यक्ष का संवेदनशील संदेश
नगर परिषद अध्यक्ष श्रुति कृष्णपाल सिंह बघेल ने नगरवासियों को मेले की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए स्वच्छता एवं जल संरक्षण को लेकर गंभीर और संवेदनशील अपील की। उन्होंने कहा कि मेला आस्था, परंपरा और उत्सव का प्रतीक है, लेकिन इसकी गरिमा और स्वच्छता बनाए रखना हम सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सोनकच्छ को कचरा-मुक्त और स्वच्छ नगर बनाना केवल नगर परिषद का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने नगरवासियों से गीला एवं सूखा कचरा अलग-अलग डस्टबिन में डालने का आग्रह किया, ताकि सफाई व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।
अध्यक्ष बघेल ने विशेष रूप से नदी स्वच्छता पर जोर देते हुए कहा कि पूजा-अर्चना के उपरांत निकलने वाली पूजन सामग्री—हार-फूल, नारियल आदि—नदी में प्रवाहित न करें, बल्कि नगर परिषद द्वारा लगाए गए डस्टबिन में ही डालें, जिससे नदी की पवित्रता और पर्यावरण संतुलन सुरक्षित रहे।
जल संकट को लेकर चेतावनी
उन्होंने कोरोना काल की कठिन परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय प्रकृति के असंतुलन के कारण लोगों को ऑक्सीजन जैसी जीवन रक्षक सुविधा के लिए भी संघर्ष करना पड़ा था। आज जल संकट भी धीरे-धीरे विकराल रूप लेता जा रहा है। यदि अभी से जल संरक्षण की आदत नहीं अपनाई गई तो आने वाला समय और भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
उन्होंने नगरवासियों से पानी की एक-एक बूंद बचाने और जल संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
विधायक डॉ. सोनकर का संबोधन
विधायक डॉ. राजेश सोनकर ने अपने संबोधन में कहा कि महाशिवरात्रि जैसे पावन पर्व पर आयोजित यह मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने नगर परिषद सोनकच्छ द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए आयोजन को सफल बनाने में जुटे सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि बीते दो वर्षों में सोनकच्छ नगर के समग्र विकास के लिए मध्यप्रदेश शासन के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से लगभग ₹73 करोड़ की राशि स्वीकृत करवाई गई है। यह राशि नगर में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, जनहितकारी योजनाओं और विकास कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है तथा आने वाले समय में सोनकच्छ को विकास की नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी।
मेले की विशेषताएं और व्यवस्थाएं
मेले में श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों के मनोरंजन हेतु आकर्षक झूले, घरेलू उपयोगी वस्तुओं की दुकानें, विविध प्रकार के खानपान स्टॉल तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। मेला परिसर को भव्य सजावट और आकर्षक रोशनी से सुसज्जित किया गया है।
श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं स्वच्छता को लेकर नगर परिषद द्वारा समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
नगर परिषद की अपील
नगर परिषद सोनकच्छ ने समस्त नगर एवं क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे परिवार सहित मेले में पधारकर इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन का आनंद लें तथा आयोजन की गरिमा, स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखने में सहयोग प्रदान करें।




