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मोहन बड़ोदिया में सट्टे का अजगर, कार्रवाई का नाटक और चुप्पी का कारोबार —

कार्रवाई के बाद खुलेआम चल रहा सट्टा बस थोड़ा झुककर बैठ गया

मोहन बड़ोदिया थाना क्षेत्र में कथित सट्टा-जुआ और ‘हाजिर बल्ली’ गतिविधियों को लेकर फिर चर्चाएं तेज हैं। हाल में पुलिस द्वारा की गई सीमित कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह सख्ती वास्तविक है या केवल औपचारिकता?

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, छोटे स्तर पर जुड़े कुछ लोगों पर कार्रवाई की गई, लेकिन कथित रूप से बड़े स्तर पर संचालन करने वाले नाम अब भी चर्चा में हैं। सूत्रों के मुताबिक सत्तर खान, इमरान और झब्बू उर्फ सलमान के नाम क्षेत्र में बार-बार सामने आ रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

जानकारी सबको, कार्रवाई सीमित क्यों?

सूत्रों का दावा है कि मामले की जानकारी थाना स्तर से लेकर जिला मुख्यालय तक पहुंचाई जा चुकी है। इसके बावजूद किसी बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या कार्रवाई का दायरा केवल छोटे लोगों तक सीमित रखा गया है?

तुलना में देवास मॉडल चर्चा में

शाजापुर जिले से लगे देवास में पुलिस कप्तान द्वारा अपराध नियंत्रण, यातायात सुधार और तकनीकी निगरानी को लेकर किए जा रहे प्रयास चर्चा का विषय बने हुए हैं। बेहतर कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने तथा ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखने की पहल को पुलिस विभाग के लिए आदर्श के रूप में देखा जा रहा है।

बड़ा सवाल अभी बाकी

जब पड़ोसी जिले में सख्ती और पारदर्शिता का उदाहरण सामने है, तो शाजापुर में कथित अवैध गतिविधियों पर निर्णायक कार्रवाई कब होगी? क्या बड़े नामों तक कानून का हाथ पहुंचेगा या कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगी?

अब देखना यह है कि प्रशासन इन सवालों का जवाब ठोस कदमों से देता है या नहीं।

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