सोनकच्छ में बीएसएस माइक्रो फाइनेंस की मनमानी! गरीबों से वसूली, नियमों की खुली अवहेलना के आरोप

सोनकच्छ । नगर की गोर्धनधाम कालोनी (नहर कालोनी) में संचालित बी.एस.एस. सोनाटा माइक्रो क्रेडिट फाइनेंस कंपनी पर गंभीर अनियमितताओं और गरीब ग्राहकों के आर्थिक शोषण के आरोप लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कंपनी बैंकिंग दिशा-निर्देशों को ताक पर रखकर मनमानी तरीके से वसूली कर रही है।
सूचना पटल गायब, पंजीयन नंबर तक नहीं
कार्यालय के बाहर ग्राहकों के लिए अनिवार्य सूचना पटल, ब्याज दर, शिकायत अधिकारी और पंजीयन नंबर जैसी जानकारी प्रदर्शित नहीं है। बोर्ड पर केवल कंपनी का नाम लिखा है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि ग्राहकों को स्पष्ट जानकारी न देकर अधिक ब्याज और अलग-अलग नामों से चार्ज वसूले जा रहे हैं।
81 हजार के लोन का झांसा, 23 हजार से अधिक जमा
17 फरवरी 2026 को अम्बाराम पोरवाल ने कर्मचारी विष्णु चावड़ा के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवाई। आरोप है कि 81 हजार रुपये का नया लोन स्वीकृत होने का झांसा देकर उनसे करीब 23,400 रुपये जमा करवाए गए। बाद में यह कहकर लोन देने से मना कर दिया गया कि जमा राशि पुराने लोन में समायोजित कर ली गई है।
रिकवरी के नाम पर दबाव?
पीड़ित का आरोप है कि लोन समय पर जमा न होने पर कोई लिखित सूचना नहीं दी जाती, बल्कि मौखिक दबाव बनाकर वसूली की जाती है। बीमा के नाम पर पैसे लेने के बावजूद बीमा की रसीद नहीं दी जाती। फाइल चार्ज, बीमा क्लेम और अन्य मदों में अतिरिक्त राशि लेने के भी आरोप सामने आए हैं।
प्रबंधन के बयान में विरोधाभास
कंपनी के शाखा प्रबंधक भूपेंद्र ठाकुर ने रिकवरी प्रक्रिया को सही बताया है, जबकि कंपनी के ही अकाउंटेंट ने कथित तौर पर इसे गलत बताया। इससे कंपनी की कार्यप्रणाली पर और संदेह गहरा गया है।
पुलिस जांच शुरू, तहसीलदार को शिकायत
पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाकर दस्तावेज तलब किए हैं और जांच जारी है। पीड़ित ने तहसीलदार संजय गर्ग को भी आवेदन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
गरीब और अनपढ़ बन रहे निशाना
स्थानीय लोगों का कहना है कि आसान लोन का लालच देकर गरीब और अनपढ़ लोगों से मोटी रकम वसूली जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि भरोसे के साथ भी बड़ा खिलवाड़ है।




