सोनकच्छ में 2 मार्च को होलिका दहन, 3 मार्च को धुलेंडी पर निकलेगी पारंपरिक गेर

सोनकच्छ। होली पर्व को लेकर चल रहा असमंजस अब पूरी तरह समाप्त हो गया है। नगर के विद्वान पंडितों द्वारा पंचांग पर गहन विचार-विमर्श के बाद यह स्पष्ट किया गया है कि 2 मार्च को होलिका पूजन एवं दहन किया जाएगा, जबकि 3 मार्च को धुलेंडी पर पारंपरिक सामाजिक गेर निकाली जाएगी।
ग्रहण की चर्चा के चलते त्योहार की तिथि को लेकर नगर में भ्रम की स्थिति बन गई थी। अलग-अलग स्थानों पर भिन्न-भिन्न तिथियों की बातें सामने आ रही थीं, जिससे आमजन असमंजस में था। अंततः पंडितों ने शास्त्रीय आधार पर निर्णय देते हुए स्थिति स्पष्ट कर दी।
धुलेंडी पर निकलेगी सामाजिक गेर
3 मार्च को धुलेंडी के अवसर पर नगर में पारंपरिक सामाजिक गेर निकाली जाएगी। गेर में विभिन्न समाजों के लोग शामिल होकर गमी वाले घरों में रंग-गुलाल अर्पित करेंगे और सामाजिक समरसता का संदेश देंगे। यह परंपरा वर्षों से आपसी भाईचारे और एकजुटता का प्रतीक रही है।
प्रशासन भी अलर्ट
त्योहार के मद्देनज़र प्रशासन द्वारा शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी ताकि पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
भाईचारे के साथ मनाएं पर्व
नगरवासियों से अपील की गई है कि वे होली का पर्व आपसी सौहार्द, संयम और परंपराओं के सम्मान के साथ मनाएं तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।
सोनकच्छ में अब रंग, उल्लास और परंपरा का संगम 2 और 3 मार्च को देखने को मिलेगा।




