ऑनलाइन कोर्ट फीस घोटाला उजागर, थाना सिविल लाइन की सख्त कार्रवाई, फर्म संचालिका गिरफ्तार

देवास में ऑनलाइन कोर्ट फीस पोर्टल का दुरुपयोग कर कूटरचित रसीदों के माध्यम से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का गंभीर मामला सामने आया है। थाना सिविल लाइन पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना प्रभारी हितेश पाटिल के नेतृत्व में की गई, जिसे पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
मामले का खुलासा कैसे हुआ
दिनांक 02.09.2022 को वाद पत्र के साथ ऑनलाइन कोर्ट फीस आई.डी. क्रमांक 133450/22 का प्रिंट आउट प्रस्तुत किया गया था, जिसमें ₹1,12,240/- जमा होना दर्शाया गया। बाद में 31.10.2025 को वादी द्वारा दी गई सूचना पर जब जांच की गई, तो संबंधित आई.डी. पर मात्र ₹200/- जमा होना पाया गया।
इसी प्रकार, दिनांक 28.03.2022 को कोर्ट फीस आई.डी. क्रमांक 48600/2022 में ₹1,50,000/- अंकित पाए गए, जबकि सत्यापन में केवल ₹1,500/- जमा होना सामने आया। जांच में यह स्पष्ट हो गया कि दोनों ही मामलों में कोर्ट में प्रस्तुत रसीदें कूटरचित थीं।
कानूनी कार्रवाई
मामले में प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध पाए जाने पर जिला न्यायालय देवास के आदेश से थाना सिविल लाइन देवास में अपराध क्रमांक 588/2025 एवं 16/2026 धारा 420, 467, 468, 471 भादवि के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
थाना प्रभारी के नेतृत्व में कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक देवास पुनीत गेहलोत के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल के निर्देशन में थाना प्रभारी हितेश पाटिल ने विशेष टीम गठित की। जांच के दौरान ऑनलाइन कोर्ट फीस जमा करने वाली फर्म “निर्विघ्नम ऑनलाइन सर्विसेस” की संचालक दिप्ती महाजन (43 वर्ष), निवासी सेक्टर कालानी बाग, देवास को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने धोखाधड़ी करना स्वीकार कर लिया।
आरोपी पुलिस रिमांड पर
पुलिस ने आरोपी महिला को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहाँ से उसे एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। प्रकरण में आगे की जांच और वैधानिक कार्यवाही जारी है।
टीम का योगदान
इस कार्रवाई में निरीक्षक हितेश पाटिल के साथ सउनि राकेश तिवारी, सउनि कमलपुरी गोस्वामी, मप्रआर 780 प्रीति मालवीय, मआर 607 मोनिका एवं आर 242 मातादीन धाकड़ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
थाना सिविल लाइन पुलिस की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि न्यायिक प्रक्रिया में धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ अब सख्ती से कार्रवाई की जा रही है।




