महात्मा गांधी चिकित्सालय पर बड़ी कार्रवाई, कचरा संग्रहण वाहन में मेडिकल वेस्ट डालने पर ₹1 लाख की चालानी कार्रवाई

चेतावनी के बाद भी ठेकेदार की मनमानी क्यों?
देवास। महात्मा गांधी चिकित्सालय द्वारा नगर निगम के कचरा संग्रहण वाहन में सामान्य कचरे के साथ मेडिकल वेस्ट मिलाकर डाले जाने का गंभीर मामला सामने आने पर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार के निर्देश पर इस लापरवाही को गंभीर उल्लंघन मानते हुए ₹1 लाख की चालानी कार्रवाई की गई है।
नगर निगम द्वारा इस संबंध में पूर्व में सूचना पत्र क्रमांक 10258, दिनांक 29.12.2025 को सिविल सर्जन के नाम जारी किया गया था। इसके पश्चात 2 जनवरी 2026 को ट्रेंचिंग ग्राउंड पर महात्मा गांधी चिकित्सालय से आए कचरे की जांच की गई, जिसमें भारी मात्रा में मेडिकल वेस्ट पाया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए निगम उपायुक्त आरती खेडेकर ने निगम मुख्य स्वच्छता निरीक्षक रविकृष्ण गोयनार के साथ महात्मा गांधी चिकित्सालय पहुंचकर डीएचओ डॉ. मनीषा मिश्रा से मुलाकात की और मेडिकल वेस्ट के मिक्स होने की जानकारी दी। इसके बाद 3 जनवरी 2026 को प्रातः 8:30 बजे पुनः मौके पर पहुंचकर कचरा संग्रहण के दौरान वाहन में डाले जा रहे कचरे की जांच की गई, जिसमें फिर से बड़ी मात्रा में मेडिकल वेस्ट पाया गया।
नियमों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई करते हुए निगम द्वारा उक्त कचरा लेने से इंकार कर दिया गया तथा घटना की जानकारी नगर निगम के ग्रुप, सीएमएचओ को मैसेज के माध्यम से और डीएचओ डॉ. मनीषा मिश्रा एवं डॉ. अजय पटेल को दूरभाष पर दी गई। इसके साथ ही महात्मा गांधी चिकित्सालय में कचरा संग्रहण कार्य में लगे ठेकेदार पर ₹1 लाख की चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि चालान की राशि जमा होने के उपरांत ही महात्मा गांधी चिकित्सालय से गीला एवं सूखा कचरा पृथक-पृथक रूप से लिया जाएगा। इस कार्रवाई से यह संदेश दिया गया है कि मेडिकल वेस्ट प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




