ओलावृष्टि सर्वे: विधायक डॉ. राजेश सोनकर व कलेक्टर ने किया प्रभावित क्षेत्रों का संयुक्त निरीक्षण

सोनकच्छ । क्षेत्र में हुई भीषण ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत दिलाने के उद्देश्य से क्षेत्रीय विधायक डॉ. राजेश सोनकर एवं कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का संयुक्त निरीक्षण किया।
विधायक डॉ. राजेश सोनकर व कलेक्टर ने खेतों में पहुंचकर फसलों को हुए नुकसान का प्रत्यक्ष आकलन किया तथा किसानों से सीधी चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि से खड़ी फसलें भारी मात्रा में नष्ट हो गई हैं, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
इस दौरान रलायती के किसान पवन सेंधव ने कलेक्टर को अवगत कराया कि उन्हें पिछले वर्ष का भी फसल बीमा नहीं मिला। उसके पास बीमा पॉलिसी मौजूद है, लेकिन आज तक बीमा राशि का भुगतान नहीं हुआ। इस पर संबंधित अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि सैटेलाइट रिपोर्ट में नुकसान दर्ज नहीं होता, तो बीमा की राशि नहीं मिल पाती।किसानों ने मांग की कि सैटेलाइट सर्वे के बजाय पटवारी द्वारा मौके पर भौतिक सर्वे कराया जाए। इस पर कलेक्टर ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम प्रिया चंद्रावत, तहसीलदार संजय गर्ग, वरिष्ठ भाजपा नेता बहादुर सिंह जी पिलवानी, सोनकच्छ मंडल अध्यक्ष विजेन्द्र सिंह मनासा, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष हरेंद्र सिंह पिलवानी, जनपद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मदन सिंह धाकड़,राहुल धाकड़, जितेन्द्र सिंह धाकड़ सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
निरीक्षण उपरांत विधायक डॉ. राजेश सोनकर द्वारा माननीय मुख्यमंत्री से चर्चा की गई, जिस पर फसलों के सर्वे कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सर्वे कार्य पूरी तेजी, पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ किया जाए, ताकि किसी भी प्रभावित किसान के साथ अन्याय न हो। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर शासन के नियमानुसार राहत एवं मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
विधायक डॉ. सोनकर ने आश्वस्त किया कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से शासन स्तर तक रखा जाएगा और हर संभव सहायता शीघ्र उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है और प्रत्येक प्रभावित कृषक को उसका पूरा हक दिलाने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है। किसान भाइयों से अपील की है कि वे अपने फसल नुकसान की जानकारी टोल-फ्री नंबर 14447 पर अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं, जिससे सर्वे, सत्यापन एवं राहत प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
किसान प्रदेश की रीढ़ हैं—संकट की इस घड़ी में शासन-प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ा है।




