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अवैध शराब पर पुलिस की निरंतर कार्रवाई, आबकारी विभाग धृतराष्ट्र बना बैठा

लालघाटी पुलिस ने 12 पेटी देशी शराब व बोलेरो निओ जब्त की, दो आरोपी गिरफ्तार

शाजापुर, 06 जनवरी 2026। जिले में अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के लिए पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है, लेकिन आबकारी विभाग की निष्क्रियता अब सवालों के घेरे में है। थाना लालघाटी पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब के परिवहन का खुलासा किया है। पुलिस ने 12 पेटी देशी प्लेन शराब और बोलेरो निओ वाहन जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि आबकारी विभाग पूरे मामले में धृतराष्ट्र बना बैठा नजर आ रहा है।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अजय कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में की गई।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सफेद रंग की बोलेरो निओ वाहन में अवैध देशी शराब का परिवहन किया जा रहा है। सूचना के आधार पर लालघाटी पुलिस ने राघवेल जोड़ के पास घेराबंदी कर वाहन को रोका। तलाशी लेने पर वाहन से 12 पेटी अवैध देशी प्लेन शराब बरामद की गई, जिसकी कुल मात्रा 108 बल्क लीटर है। जब्त शराब की अनुमानित कीमत लगभग 48 हजार रुपये बताई गई है।

अवैध शराब के परिवहन में प्रयुक्त बोलेरो निओ वाहन की कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है। इस प्रकार कुल जब्त मशरूका का मूल्य करीब 10 लाख 48 हजार रुपये बताया जा रहा है।

पुलिस ने मौके से संजय पिता प्रहलाद सिंह गुर्जर निवासी टुंगनी एवं संजय पिता भोलाराम उर्फ सीताराम गुर्जर निवासी अनखली को गिरफ्तार किया। आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 04/2026 धारा 34(2) मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है।

इस कार्रवाई में निरीक्षक अर्जुन सिंह मुजाल्दे, प्रधान आरक्षक चंद्रपाल जाट, प्रधान आरक्षक प्रमोद नागर एवं प्रधान आरक्षक जितेंद्र यादव की सराहनीय भूमिका रही।

गौरतलब है कि जिले में लगातार पकड़ी जा रही अवैध शराब की खेपें यह संकेत देती हैं कि शराब माफिया बेखौफ होकर सक्रिय हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में अवैध शराब का परिवहन आबकारी विभाग की जानकारी के बिना कैसे संभव हो रहा है?

जब पुलिस अकेले मोर्चा संभालकर कार्रवाई कर रही है, तब आबकारी विभाग की चुप्पी और निष्क्रियता पर सवाल उठना लाजमी है। अब देखना होगा कि आबकारी विभाग कब जागता है और अवैध शराब के इस गोरखधंधे पर लगाम लगाने के लिए ठोस कदम उठाता है या फिर जिम्मेदारी से बचता रहेगा।

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