प्रकृति की मार: देवास जिले में भीषण ओलावृष्टि से तबाही,
कलेक्टर ने दिए त्वरित सर्वे के निर्देश

प्रकृति की मार: देवास जिले में भीषण ओलावृष्टि से तबाही, कलेक्टर ने दिए त्वरित सर्वे के निर्देश
देवास।देवास जिले में बुधवार रात अचानक बदले मौसम ने भारी तबाही मचा दी। शाम को तेज आंधी-तूफान के साथ भयंकर ओलावृष्टि हुई, जिससे जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में जन-धन और फसलों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
हाटपीपल्या तहसील के ग्राम आमलाताज, बड़ियां मांडू सहित आसपास के गांवों में तेज हवाओं के साथ गिरे ओलों से कई मकानों की टीन की चादरें व छप्पर उड़ गए, वहीं जगह-जगह पेड़ गिरने की भी सूचना मिली है। इस प्राकृतिक आपदा से ग्रामीण क्षेत्रों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। खेतों में खड़ी प्याज, लहसुन और गेहूं की फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
इसी तरह सोनकच्छ तहसील के रलायती, महू, घट्टिया कला एवं आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश के साथ ओले गिरे, जहां गेहूं, आलू और प्याज की फसलें व्यापक रूप से प्रभावित हुई हैं।
ग्रामीण इलाकों से लगातार नुकसान की जानकारियां मिल रही हैं। किसानों ने प्रशासन से तत्काल सर्वेक्षण और मुआवजे की मांग की है।
कलेक्टर ने लिया संज्ञान, तत्काल कार्रवाई के निर्देश
जिले में हुई ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान को गंभीरता से लेते हुए ऋतुराज सिंह ने प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित सर्वेक्षण के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने तहसीलदार की अध्यक्षता में दल गठित कर राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के अंतर्गत प्राकृतिक आपदा से हुई क्षति के मामलों का पंजीयन, पंचनामा तैयार करने तथा प्रभावित किसानों से आवेदन प्राप्त करने के निर्देश जारी किए हैं।
प्रशासनिक स्तर पर सर्वे की प्रक्रिया शुरू होते ही वास्तविक नुकसान का आकलन कर नियम अनुसार राहत व मुआवजा प्रदान किए जाने की बात कही गई है।




