फर्जी डॉक्टर दिलीप सिंह सोलंकी पर कार्रवाई की मांग, ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा आवेदन
देवास। जिला देवास की तहसील देवास अंतर्गत ग्राम नेवरी (बोड़ानी) के ग्रामीणों ने कथित झोलाछाप डॉक्टर दिलीप सिंह सोलंकी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर देवास कलेक्टर को जनसुनवाई में आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना किसी मान्यता प्राप्त चिकित्सकीय डिग्री के वर्षों से अवैध रूप से इलाज कर ग्रामीणों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम नेवरी में दिलीप सिंह सोलंकी स्वयं को डॉक्टर बताकर इलाज कर रहा है, जबकि उसके पास डॉक्टर की कोई वैध डिग्री नहीं है। इसके बावजूद वह लंबे समय से ग्रामीणों का उपचार करता आ रहा है।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि लगभग 3 से 4 वर्ष पूर्व ग्राम लिम्बोदा निवासी अमर सिंह ढोली की इलाज के दौरान लापरवाही से मौत हो चुकी है, लेकिन इस गंभीर मामले के बाद भी संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि दिलीप सिंह सोलंकी की पत्नी आशा कार्यकर्ता के पद पर कार्यरत है और शासन द्वारा ग्रामीणों के लिए प्रदत्त दवाइयों का अवैध रूप से उपयोग किया जा रहा है। साथ ही सरकारी अस्पताल का सामान अपने घर पर रखकर इलाज में इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है।
ग्रामीणों का कहना है कि आसपास के 4 से 5 गांवों में घर-घर जाकर इलाज किया जा रहा है, जिससे कई ग्रामीणों की हालत गंभीर हो चुकी है। गलत इलाज के कारण कुछ ग्रामीणों के हाथ-पैर खराब होने का भी दावा आवेदन में किया गया है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि झोलाछाप डॉक्टर दिलीप सिंह सोलंकी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ग्रामीणों के स्वास्थ्य के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ न हो सके।
फिलहाल आवेदन के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच की संभावना जताई जा रही है।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले में दिलीप सिंह सोलंकी पर किस तरह की कार्रवाई करता है।




