सतवास अतिक्रमण कार्रवाई बनी आग की चिंगारी, आत्मदाह प्रयास से मचा हड़कंप
ब्राह्मण समाज का उग्र प्रदर्शन

(सतवास से पुरुषोत्तम चौबे की रिपोट)
सतवास। नगर के वार्ड क्रमांक 5 में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई उस समय सनसनीखेज मोड़ पर पहुंच गई, जब मकान मालिक संतोष व्यास और उनकी पत्नी ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास कर लिया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बुधवार को तहसीलदार अरविंद दिवाकर, नगर परिषद अधिकारी एवं पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान उत्पन्न तनाव के बीच दंपति द्वारा आत्मदाह का प्रयास किए जाने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। उपस्थित लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को बचाया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को गंभीर हालत में इंदौर रेफर किया गया है।
ब्राह्मण समाज में भारी आक्रोश
घटना के विरोध में सतवास, कांटा फोड़ और लोहारदा क्षेत्र के ब्राह्मण समाज के लोग बड़ी संख्या में एकत्रित होकर सतवास थाने पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा।
समाज ने ज्ञापन में तहसीलदार अरविंद दिवाकर को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की।फायरिंग का आरोप, लाइसेंस निरस्तीकरण की मांग
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि संतोष व्यास के पड़ोसी नारायण सोनी द्वारा घटना के दौरान फायरिंग की गई, जिससे स्थिति और भयावह हो गई। समाज ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी एवं हथियार लाइसेंस निरस्त करने की मांग उठाई।
आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन का वाचन ब्राह्मण समाज के वरिष्ठ कैलाश जोशीला ने किया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
इस दौरान विजय व्यास, ओमप्रकाश उपाध्याय, नारायण जोशी, नारायण व्यास, राजेश जोशी, निर्मल पुरोहित, सुनील शर्मा, अभिषेक जोशी, चेतन जोशी, पार्षद अनिरुद्ध शर्मा, सुनील जोशी, लाला जोशी, पत्रकार सुनील शर्मा, आयुष शर्मा सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
घटना के बाद सतवास क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और प्रशासनिक व राजनीतिक जिम्मेदारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।




